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गुमला|गुमला क्षेत्र के लिए आज का दिन अत्यंत आनंद, गौरव, कृतज्ञता और आध्यात्मिक उल्लास का पावन दिन है। यहां सोसो पल्ली अपनी स्थापना के गौरवशाली 125 वर्ष पूरे होने पर 125वीं जयंती मना रहा है। यह केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं है। यह ईश्वर में जीवंत विश्वास, दृढ़ आशा, भाईचारे, त्याग, समर्पण और प्रभु के असीम प्रेम का उत्सव है। उक्त बातें गुमला धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप स्वामी डॉ. लिनुश पिंगल एक्का ने मिस्सा अनुष्ठान के दौरान अपने संदेश में कहीं। उन्होंने कहा कि ईश्वर को उनके द्वारा दी गई सभी कृपादानों और वरदानों के लिए धन्यवाद। जब पिछले 125 वर्षों की यात्रा पर दृष्टि डाली जाती है, तो हृदय प्रभु के प्रति कृतज्ञता से भर जाता है। इस अवसर पर उन सभी पादरियों, धर्माधिकारियों और विश्वासियों को याद किया गया, जिन्होंने इस पल्ली की स्थापना की। उन्होंने अपने कठिन परिश्रम से इसे सींचा और संवारा़। यह केवल ईंट-पत्थरों से बना हुआ भवन नहीं है। यह असंख्य विश्वासियों की प्रार्थनाओं, आंसुओं, त्याग और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर ईश्वर से विशेष कृपा की प्रार्थना की गई, ताकि इस पल्ली को धार्मिक, सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से अधिक नया व मजबूत बनाया जा सके। मिस्सा अनुष्ठान में मुख्य अधिष्ठाता की भूमिका में बिशप स्वामी डॉ. लिनुश पिंगल एक्का स्वयं थे। सह-अधिष्ठाता की भूमिका में डीन फादर अमृत व सोसियुस येशु धर्म समाज, रांची के फादर सिलबिरयुस चिरमाकु ने निभाई। इस दौरान कई पल्लियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मौके पर कई पुरोहित व धर्मबहनें मौजूद थीं। सोसियुस येशु धर्म समाज, रांची के फादर सिलबिरयुस चिरमाकु ने अपने संदेश में विश्वासियों से कहा कि सभी के मेहनत व परिश्रम से आज पल्ली का 125वां जुबली मनाया जा रहा है। इस पल्ली को बनाने में न जाने कितनों ने सहयोग किया होगा। इसके लिए सभी को धन्यवाद। साथ ही ईश्वर को भी धन्यवाद, जिन्होंने पल्ली को चलाने में सहयोग किया।
सोसो पल्ली के 125 वर्ष पूरे, हर्षोल्लास के साथ पावन दिवस मनाया गया
