नवादा में हिसुआ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) के प्रबंधन, उपचार और समयबद्ध फॉलोअप पर मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने की। बैठक में बीएचएम, बीसीएम, लैब टेक्नीशियन, फैमिली प्लानिंग काउंसलर आकाश कुमार, फार्मासिस्ट राजीव रंजन कुमार, आशा फैसिलिटेटर, लेबर रूम इंचार्ज और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि नीरज कुमार शामिल हुए। नीरज कुमार ने जून माह की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 40 गंभीर और मध्यम एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज और एफसीएम दिया गया। इसमें प्रसव के बाद 7 गंभीर एनीमिया से ग्रस्त प्रसूताओं को भी एफसीएम चढ़ाया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार और स्वास्थ्य प्रबंधक शांता स्वामी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। समीक्षा बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के पीएमएसएमए फॉलोअप और पोर्टल अपडेट की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डेटा मूल्यांकन सह अनुश्रवण कर्मी प्रीति कुमारी को आवश्यक जानकारी शीघ्र पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य प्रबंधक ने बताया कि कुल 180 चिह्नित गर्भवती महिलाओं का डेटा पोर्टल पर अपडेट किया जाना है, जिसे अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को आवश्यकतानुसार एफसीएम और आयरन सुक्रोज उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शेष पात्र लाभार्थियों को भी जल्द ही इस उपचार के दायरे में लाने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी एएनएम को आरोग्य दिवस और गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग, उच्च जोखिम वाले मामलों की समय पर पहचान, पीएमएसएमए के तहत जांच और पोर्टल अपडेट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
हिसुआ CHC में मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन:उच्च जोखिम गर्भवतियों की निगरानी-उपचार की हुई समीक्षा
नवादा में हिसुआ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) के प्रबंधन, उपचार और समयबद्ध फॉलोअप पर मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने की। बैठक में बीएचएम, बीसीएम, लैब टेक्नीशियन, फैमिली प्लानिंग काउंसलर आकाश कुमार, फार्मासिस्ट राजीव रंजन कुमार, आशा फैसिलिटेटर, लेबर रूम इंचार्ज और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि नीरज कुमार शामिल हुए। नीरज कुमार ने जून माह की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 40 गंभीर और मध्यम एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज और एफसीएम दिया गया। इसमें प्रसव के बाद 7 गंभीर एनीमिया से ग्रस्त प्रसूताओं को भी एफसीएम चढ़ाया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार और स्वास्थ्य प्रबंधक शांता स्वामी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। समीक्षा बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के पीएमएसएमए फॉलोअप और पोर्टल अपडेट की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डेटा मूल्यांकन सह अनुश्रवण कर्मी प्रीति कुमारी को आवश्यक जानकारी शीघ्र पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य प्रबंधक ने बताया कि कुल 180 चिह्नित गर्भवती महिलाओं का डेटा पोर्टल पर अपडेट किया जाना है, जिसे अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को आवश्यकतानुसार एफसीएम और आयरन सुक्रोज उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शेष पात्र लाभार्थियों को भी जल्द ही इस उपचार के दायरे में लाने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी एएनएम को आरोग्य दिवस और गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग, उच्च जोखिम वाले मामलों की समय पर पहचान, पीएमएसएमए के तहत जांच और पोर्टल अपडेट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

