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शेखपुरा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नीरज किशोर की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में नालंदा के संजय यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में तीन अन्य आरोपी शैलेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव और सबुजा देवी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। अपर लोक अभियोजक तस्नीमुद्दीन ने बताया कि संजय यादव नालंदा जिले के लालूनगर का रहने वाला है। आरोप के अनुसार, 9 मार्च 2021 को उसने 2 लाख रुपए और सोने के जेवरात के लिए अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को लोदीपुर गांव के गेहूं के खेत में फेंक दिया गया था। 6 साल के बेटे ने नाना को दी थी जानकारी हत्या के बाद संजय यादव के 6 साल के बेटे ने अपने नाना गोरे यादव को मां की हत्या की जानकारी दी। इसके बाद गोरे यादव खेत में पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बेटी का शव देखा। उन्होंने मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद संजय यादव समेत चार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान 10 गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने संजय यादव को हत्या का दोषी पाया। वहीं, शैलेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव और सबुजा देवी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। संजय यादव घटना के बाद से जेल में बंद है। न्यायालय के आदेश पर उसे सोमवार को सजा सुनाए जाने के लिए न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।
2 लाख और गहनों के लिए पत्नी की हत्या:कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, शेखपुरा में गेहूं के खेत में फेंका शव
