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भास्कर न्यूज | बागडेहरी जामताड़ा और दुमका जिले की अंतरजिला सीमा पर स्थित इंद्रपहाड़ी से आमलादही मोड़ तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पिछले लगभग 20 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और उखड़ी सतह के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर जामताड़ा जिले के करीब 10 हजार लोगों पर पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क पर जलभराव होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) के कनीय अभियंता अमरेंद्र कुमार ने बताया कि इंद्रपहाड़ी से आमलादही मोड़ तक का सड़क हिस्सा जामताड़ा जिले के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। यह मार्ग दुमका जिले के अधीन है, इसलिए इसके निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। सड़क बनने से जामताड़ा और दुमका के बीच आवागमन सुगम होगा। एंबुलेंस और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। व्यापार, शिक्षा और सरकारी कार्यों के लिए यात्रा आसान होगी। मसानजोड़ और आसपास के पर्यटन स्थलों तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा। जलभराव और गड्ढों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। दो जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग इंद्रपहाड़ी से आमलादही मोड़ तक का यह हिस्सा गोलपुर–गोड़माला मार्ग का महत्वपूर्ण भाग है, जो जामताड़ा और दुमका जिले को जोड़ता है। कुंडहित प्रखंड के ग्रामीण इसी रास्ते से प्रखंड मुख्यालय, जामताड़ा जिला मुख्यालय, दुमका और पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों तक पहुंचते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति का असर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और सरकारी कार्यों पर भी पड़ रहा है। मरीजों, विद्यार्थियों और व्यवसायियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

