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जेपीएससी के पुनर्गठन की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इस संबंध में कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा है। इसमें वर्तमान घटनाक्रम और सीआईडी जांच का हवाला देते हुए कहा है कि जेपीएससी अध्यक्ष और तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में जेपीएससी निष्क्रिय हो चुका है। आनेवाले समय में आयोग को कई परीक्षाओं का संचालन करना है, जिसके लिए जेपीएससी का पुनर्गठन जरूर है। हालांकि प्रस्ताव में कोई नाम नहीं सुझाया गया है। इससे पहले इस विषय पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और कार्मिक विभाग के अफसरों से मंत्रणा हो चुकी है। जानकारी के अनुसार 25 अगस्त को होने वाली कैबिनेट की बैठक में जेपीएससी अध्यक्ष व तीन सदस्यों की नियुक्ति पर चर्चा होगी। जेपीएससी के पुनर्गठन को लेकर दो विकल्प हैं। पहला, राज्य सरकार कैबिनेट की बैठक बुलाकर अध्यक्ष-सदस्यों के नामों को मंजूरी देकर फाइल राज्यपाल को भेजे। कार्मिक विभाग ने अब… दूसरे विकल्प में मुख्यमंत्री अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए कैबिनेट की स्वीकृति की प्रत्याशा में सूची फाइनल कर राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेज सकते हैं। रिटायर आईएएस-आईपीएस अधिकारी को अध्यक्ष और शिक्षाविदों को सदस्य बनाने की चर्चा: राज्य सरकार रिटायर आईएएस-आईपीएस अधिकारी को अध्यक्ष तथा शिक्षाविदों को सदस्य बनाना चाह रही है। ऐसे दो आईएएस अफसरों को अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव भी दिया गया, पर उन्होंने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। दोनों अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहकर रिटायर हुए हैं। इसके बाद एक रिटायर आईपीएस और आईएफएस अधिकारी के नाम पर विचार जारी है। अगर ये अधिकारी भी इनकार करते हैं, तो एक कार्यरत आईएएस अफसर या भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी को वीआरएस दिलाकर अध्यक्ष बनाने की संभावना पर भी विचार चल रहा है। वर्तमान में एक बड़े पद पर कार्यरत आईपीएस अधिकारी का नाम भी चर्चा में है। जेपीएससी के कुछ कर्मचारियों के ट्रांसफर पर भी हो रहा विचार : अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के क्रम में जेपीएससी के कुछ कर्मचारियों के ट्रांसफर पर भी विचार हो रहा है। इसके लिए आयोगों में तैनात कर्मचारियों-अधिकारियों की सूची अपडेट की गई है। प्रतिनियोजित अधिकारियों की छुट्टी कर दी गई है। अब यह देखा जा रहा रहा है कि कौन कर्मचारी-अधिकारी कितने वर्ष से आयोग में कार्यरत है।
