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बिहार और झारखंड के बीच 2 सालों से चला आ रहा सोन नदी विवाद आज सुलझ गया है। सोमवार को सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए। समझौते के तहत सोन नदी के कुल 14.25 MAF पानी का राज्यों के बीच बंटवारा होगा। इसमें बिहार को 5.75 MAF और झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा। जल बंटवारे को लेकर 2025 में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सहमति बनी थी। MOU पर हस्ताक्षर होने के बाद इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना से बिहार के कई जिलों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने में बड़ी मदद मिलेगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोन नदी बंटवारे को लेकर समझौता हुआ। समझौते का सिंचाई, क्षेत्रीय विकास पर असर पड़ेगा
सोन नदी गंगा की एक प्रमुख दक्षिणी सहायक नदी है और पूर्वी भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह समझौता सोन नहर प्रणाली से जुड़ी सिंचाई योजनाओं को स्थिर आधार देगा। खासकर भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जैसे जिलों में सिंचाई व्यवस्था को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। सोन नदी से जुड़े जल-वितरण का मुद्दा केवल दो राज्यों के बीच संसाधन बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नदी-घाटी प्रबंधन, कृषि उत्पादन और अंतर-राज्यीय सहयोग का भी उदाहरण है। सम्राट के दिल्ली दौरे पर RJD ने उठाए सवाल इधर, सीएम सम्राट के दिल्ली दौरे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने सवाल उठाया है। RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘मुख्यमंत्री लगातार दिल्ली जा रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं, लेकिन इससे बिहार को क्या फायदा होगा, यह सरकार और मुख्यमंत्री को बताना चाहिए।’ मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘मुख्यमंत्री लगातार दिल्ली जा रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं। दिल्ली जाना, अपने आकांओं से मिलना, हर मुख्यमंत्री का काम है।’ गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होगी उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आज के दिल्ली दौरे का सबसे प्रमुख एजेंडा केंद्रीय गृह मंत्रालय में होने वाली बैठक है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक ‘कर्तव्य भवन’ में आयोजित की गई है। इस बैठक में केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सम्राट चौधरी भी शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय और राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन मंथन किए जाने की संभावना है। बाढ़ के खतरे के बीच केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुलाकात
गृह मंत्री की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शाम 4:00 बजे ‘सदन भवन’ पहुंचेंगे। जहां उनकी मुलाकात केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से तय की गई है। बिहार में वर्तमान समय में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस परिस्थिति को देखते हुए यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। बातचीत के दौरान बिहार के जल संसाधन, नदियों के जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा होगी।
25 साल बाद सुलझा सोन नदी विवाद, बिहार-झारखंड में समझौता:दोनों राज्यों के बीच कुल 14.25 MAF पानी का होगा बंटवारा; इंद्रपुरी जलाशय परियोजना का रास्ता साफ
