भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में ब्राउन शुगर की खेप के साथ पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे और घर से ही नशे का धंधा चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिघलबैंक बाजार निवासी मो. आलम उर्फ बूटी (40) और उसके पुत्र मो. आदिल (20) के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 85.39 ग्राम ब्राउन शुगर, 30,858 भारतीय रुपये, 1,52,755 नेपाली रुपये और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस ने बनाई थी विशेष टीम पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दिघलबैंक बाजार इलाके में एक घर से नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर दिघलबैंक थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद एसएसबी जवानों के साथ मिलकर संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान मो. आलम के घर से ब्राउन शुगर बरामद हुई। पुलिस ने मौके से ही पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया। सीमा पार नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका पुलिस अधिकारियों के अनुसार भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी केवल स्थानीय स्तर पर नशे का कारोबार नहीं कर रहे थे, बल्कि इनके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्राउन शुगर की सप्लाई कहां से होती थी और इसे किन-किन जगहों पर पहुंचाया जाता था। अचानक बदली आर्थिक स्थिति से पहले से था शक स्थानीय लोगों के अनुसार मो. आलम के पास कोई स्थायी आय का साधन नहीं था। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही वर्षों में उसने तीन मंजिला पक्का मकान बना लिया था। इसके बाद से ही लोगों को उसकी गतिविधियों को लेकर शक होने लगा था। हालांकि पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मोबाइल और पैसों की भी होगी जांच पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद चार मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। जांच एजेंसी अब मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र होने के कारण किशनगंज पुलिस और एसएसबी लगातार संयुक्त अभियान चला रही है। अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
85.39 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ नेपाली-भारतीय करेंसी बरामद:किशनगंज में पिता-बेटे ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार, घर से चला रहे थे स्मैक का कारोबार
भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में ब्राउन शुगर की खेप के साथ पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे और घर से ही नशे का धंधा चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिघलबैंक बाजार निवासी मो. आलम उर्फ बूटी (40) और उसके पुत्र मो. आदिल (20) के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 85.39 ग्राम ब्राउन शुगर, 30,858 भारतीय रुपये, 1,52,755 नेपाली रुपये और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस ने बनाई थी विशेष टीम पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दिघलबैंक बाजार इलाके में एक घर से नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर दिघलबैंक थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद एसएसबी जवानों के साथ मिलकर संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान मो. आलम के घर से ब्राउन शुगर बरामद हुई। पुलिस ने मौके से ही पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया। सीमा पार नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका पुलिस अधिकारियों के अनुसार भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी केवल स्थानीय स्तर पर नशे का कारोबार नहीं कर रहे थे, बल्कि इनके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्राउन शुगर की सप्लाई कहां से होती थी और इसे किन-किन जगहों पर पहुंचाया जाता था। अचानक बदली आर्थिक स्थिति से पहले से था शक स्थानीय लोगों के अनुसार मो. आलम के पास कोई स्थायी आय का साधन नहीं था। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही वर्षों में उसने तीन मंजिला पक्का मकान बना लिया था। इसके बाद से ही लोगों को उसकी गतिविधियों को लेकर शक होने लगा था। हालांकि पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मोबाइल और पैसों की भी होगी जांच पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद चार मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। जांच एजेंसी अब मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र होने के कारण किशनगंज पुलिस और एसएसबी लगातार संयुक्त अभियान चला रही है। अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

