सहरसा में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शनिवार की शाम विकास भवन सभागार में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर जागरूकता सह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने की। इसमें जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, अधिकारियों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान योजना को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। इसका परिणाम रहा कि मौके पर ही 50 से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। सौर ऊर्जा से कम होगा बिजली खर्च और बढ़ेगी आत्मनिर्भरता बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि कोयला और गैस जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोत सीमित हैं। इनके अधिक उपयोग से पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में सौर ऊर्जा स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के लिए बेहतर विकल्प है। डीएम ने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि आम लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे। छतों पर सोलर पैनल लगाकर मिलेगी मुफ्त बिजली की सुविधा कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करना और घरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार सोलर सिस्टम के माध्यम से प्रति माह लगभग 300 यूनिट तक बिजली की जरूरत पूरी की जा सकती है। इसके अलावा अगर उत्पादन जरूरत से अधिक होता है तो अतिरिक्त बिजली को नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली ग्रिड में भेजा जा सकता है। इससे उपभोक्ता अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। सोलर सिस्टम पर सरकार दे रही सब्सिडी बैठक के दौरान अधिकारियों ने योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता की जानकारी दी। बताया गया कि 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर ₹30 हजार तक की सब्सिडी, 2 किलोवाट सिस्टम पर ₹60 हजार तक की सहायता, 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर अधिकतम ₹78 हजार तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृति से जुड़ी जानकारी भी लोगों को दी जा रही है। डीएम ने लोगों से की योजना अपनाने की अपील जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से अपील की कि वे स्वयं इस योजना का लाभ उठाएं और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता केवल प्रशासन के प्रयास से नहीं, बल्कि आम लोगों की भागीदारी से होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के बिजली खर्च में भी कमी आएगी। कार्यक्रम में दिखा लोगों का उत्साह कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने योजना से जुड़ी जानकारी ली और अधिकारियों से आवेदन प्रक्रिया के बारे में सवाल पूछे। लोगों ने कहा कि सौर ऊर्जा से बिजली बिल कम होने के साथ-साथ भविष्य में ऊर्जा संकट से भी बचा जा सकता है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में योजना को लेकर आगे भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
सहरसा में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ पर जागरूकता:50 लोगों ने मौके पर किया आवेदन, डीएम दीपेश कुमार ने कहा- सौर ऊर्जा अपनाना समय की जरूरत
सहरसा में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शनिवार की शाम विकास भवन सभागार में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर जागरूकता सह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने की। इसमें जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, अधिकारियों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान योजना को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। इसका परिणाम रहा कि मौके पर ही 50 से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। सौर ऊर्जा से कम होगा बिजली खर्च और बढ़ेगी आत्मनिर्भरता बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि कोयला और गैस जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोत सीमित हैं। इनके अधिक उपयोग से पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में सौर ऊर्जा स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के लिए बेहतर विकल्प है। डीएम ने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि आम लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे। छतों पर सोलर पैनल लगाकर मिलेगी मुफ्त बिजली की सुविधा कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करना और घरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार सोलर सिस्टम के माध्यम से प्रति माह लगभग 300 यूनिट तक बिजली की जरूरत पूरी की जा सकती है। इसके अलावा अगर उत्पादन जरूरत से अधिक होता है तो अतिरिक्त बिजली को नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली ग्रिड में भेजा जा सकता है। इससे उपभोक्ता अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। सोलर सिस्टम पर सरकार दे रही सब्सिडी बैठक के दौरान अधिकारियों ने योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता की जानकारी दी। बताया गया कि 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर ₹30 हजार तक की सब्सिडी, 2 किलोवाट सिस्टम पर ₹60 हजार तक की सहायता, 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर अधिकतम ₹78 हजार तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृति से जुड़ी जानकारी भी लोगों को दी जा रही है। डीएम ने लोगों से की योजना अपनाने की अपील जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से अपील की कि वे स्वयं इस योजना का लाभ उठाएं और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता केवल प्रशासन के प्रयास से नहीं, बल्कि आम लोगों की भागीदारी से होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के बिजली खर्च में भी कमी आएगी। कार्यक्रम में दिखा लोगों का उत्साह कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने योजना से जुड़ी जानकारी ली और अधिकारियों से आवेदन प्रक्रिया के बारे में सवाल पूछे। लोगों ने कहा कि सौर ऊर्जा से बिजली बिल कम होने के साथ-साथ भविष्य में ऊर्जा संकट से भी बचा जा सकता है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में योजना को लेकर आगे भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।


