आज मलमास खत्म हो रहा है। ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या में अधिकमास आज सोमवार को तीन शुभ योग में सोमवती अमावस्या और मिथुन संक्रांति के संयोग में खत्म होगा। मलमास की समाप्ति के बाद शुभ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। अमावस्या तिथि आज सुबह 08:55 बजे तक है। इसलिए इसके पूर्व ही पूजा करना फलदायी रहेगा। उदयातिथि से आज पूरे दिन अमावस्या रहेगा। सूर्य देव आज मिथुन राशि में करेंगे प्रवेश ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि सोमवती अमावस्या का पर्व आज मृगशिरा नक्षत्र के साथ तीन शुभ योग शूल योग, गण्ड योग व सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग में मनाई जाएगी। पीपल के मूल में भगवान् विष्णु, तने में शिव व ऊपरी भाग में ब्रह्मा का वास होता है। इसलिए इसकी पूजा से अक्षय पुण्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सूर्य देव आज रात 07:56 बजे मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सोमवार के दिन सूर्य की संक्रांति होने से मानसून पूर्व वर्षा होने के योग प्राप्त हो रहे हैं। स्नान-दान से सहस्त्र गौदान का पुण्य ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने निर्णय सिंधु के आधार पर बताया कि सोमवती अमावस्या को मौन अवस्था स्नान-ध्यान, दान-पुण्य तथा धर्मकृत्य करने से सहस्त्र गौदान का पुण्य मिलता है। आज के दिन पीपल की पूजा, परिक्रमा, पीपल की छाया, पीपल का स्पर्श करने मात्र से समस्त पापों का नाश, दीर्घायु व अक्षय लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान और पूजा का शुभ मुहूर्त अमावस्या तिथि: सुबह 08:55 बजे तक अमृत काल मुहूर्त: प्रातः 05:00 बजे से 06:42 बजे तक शुभ योग मुहूर्त: सुबह 08:25 बजे से 10:07 बजे तक अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:23 बजे से 12:17 बजे तक चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: दोपहर 01:33 बजे से शाम 06:41 बजे तक प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 06:41 बजे से 08:52 बजे तक
तीन शुभ योग में मलमास होगा खत्म:आज से शुरू होंगे शुभ मांगलिक कार्य, सूर्य देव मिथुन राशि में करेंगे प्रवेश
आज मलमास खत्म हो रहा है। ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या में अधिकमास आज सोमवार को तीन शुभ योग में सोमवती अमावस्या और मिथुन संक्रांति के संयोग में खत्म होगा। मलमास की समाप्ति के बाद शुभ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। अमावस्या तिथि आज सुबह 08:55 बजे तक है। इसलिए इसके पूर्व ही पूजा करना फलदायी रहेगा। उदयातिथि से आज पूरे दिन अमावस्या रहेगा। सूर्य देव आज मिथुन राशि में करेंगे प्रवेश ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि सोमवती अमावस्या का पर्व आज मृगशिरा नक्षत्र के साथ तीन शुभ योग शूल योग, गण्ड योग व सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग में मनाई जाएगी। पीपल के मूल में भगवान् विष्णु, तने में शिव व ऊपरी भाग में ब्रह्मा का वास होता है। इसलिए इसकी पूजा से अक्षय पुण्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सूर्य देव आज रात 07:56 बजे मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सोमवार के दिन सूर्य की संक्रांति होने से मानसून पूर्व वर्षा होने के योग प्राप्त हो रहे हैं। स्नान-दान से सहस्त्र गौदान का पुण्य ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने निर्णय सिंधु के आधार पर बताया कि सोमवती अमावस्या को मौन अवस्था स्नान-ध्यान, दान-पुण्य तथा धर्मकृत्य करने से सहस्त्र गौदान का पुण्य मिलता है। आज के दिन पीपल की पूजा, परिक्रमा, पीपल की छाया, पीपल का स्पर्श करने मात्र से समस्त पापों का नाश, दीर्घायु व अक्षय लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान और पूजा का शुभ मुहूर्त अमावस्या तिथि: सुबह 08:55 बजे तक अमृत काल मुहूर्त: प्रातः 05:00 बजे से 06:42 बजे तक शुभ योग मुहूर्त: सुबह 08:25 बजे से 10:07 बजे तक अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:23 बजे से 12:17 बजे तक चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: दोपहर 01:33 बजे से शाम 06:41 बजे तक प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 06:41 बजे से 08:52 बजे तक

