रांची के जगरनाथपुर मौसी बाड़ी स्थित लाइट हाउस सोसायटी में सोमवार को ऑपरेशन-मेंटेनेंस, बिजली और पानी बिल भुगतान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने राशि देने से इनकार करते हुए सोसायटी के अध्यक्ष सुधीर तिवारी और सचिव कमलेश कुमार को बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। सोसायटी की ओर से जगरनाथपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि एफआईआर अभी दर्ज नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, लाइट हाउस में 1008 फ्लैट बने हैं, जिनमें से करीब 700 फ्लैटों में लगभग 4 हजार लोग रह रहे हैं। इसका निर्माण गुजरात की कंपनी जिनफ्रा ने किया है, जिसे पांच साल तक ऑपरेशन-मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन आरोप है कि कंपनी अपना काम ठीक से नहीं कर रही। सोसायटी सचिव के अनुसार, रखरखाव के लिए प्रत्येक फ्लैट से 500 रुपए मासिक योगदान तय किया गया था, लेकिन केवल 30 प्रतिशत लोग ही भुगतान कर रहे हैं। इसी वजह से बिजली का बकाया 2.65 लाख रुपए और पानी का बिल 20 हजार रुपए से अधिक हो गया है। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब बाहरी लोगों पर मीटिंग में शामिल होकर मेंटेनेंस भुगतान का विरोध करने और धमकी देने का आरोप लगा। सोसायटी में पानी की किल्लत भी बनी हुई है और टैंकर से आपूर्ति करनी पड़ रही है।
लाइट हाउस में मेंटेनेंस, बिजली-पानी बिल देने को लेकर हंगामा
रांची के जगरनाथपुर मौसी बाड़ी स्थित लाइट हाउस सोसायटी में सोमवार को ऑपरेशन-मेंटेनेंस, बिजली और पानी बिल भुगतान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने राशि देने से इनकार करते हुए सोसायटी के अध्यक्ष सुधीर तिवारी और सचिव कमलेश कुमार को बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। सोसायटी की ओर से जगरनाथपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि एफआईआर अभी दर्ज नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, लाइट हाउस में 1008 फ्लैट बने हैं, जिनमें से करीब 700 फ्लैटों में लगभग 4 हजार लोग रह रहे हैं। इसका निर्माण गुजरात की कंपनी जिनफ्रा ने किया है, जिसे पांच साल तक ऑपरेशन-मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन आरोप है कि कंपनी अपना काम ठीक से नहीं कर रही। सोसायटी सचिव के अनुसार, रखरखाव के लिए प्रत्येक फ्लैट से 500 रुपए मासिक योगदान तय किया गया था, लेकिन केवल 30 प्रतिशत लोग ही भुगतान कर रहे हैं। इसी वजह से बिजली का बकाया 2.65 लाख रुपए और पानी का बिल 20 हजार रुपए से अधिक हो गया है। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब बाहरी लोगों पर मीटिंग में शामिल होकर मेंटेनेंस भुगतान का विरोध करने और धमकी देने का आरोप लगा। सोसायटी में पानी की किल्लत भी बनी हुई है और टैंकर से आपूर्ति करनी पड़ रही है।

