शेखपुरा जिले में शनिवार को एक अज्ञात बुजुर्ग का शव सड़क किनारे मिला। हथियावा थाना पुलिस ने शेखपुरा-बरबीघा मुख्य सड़क मार्ग पर बिहटा गांव के पास से लगभग 60 वर्षीय बुजुर्ग का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेजा गया। कुछ ही देर बाद पुलिस ने शव की पहचान कर ली। मृतक की पहचान शहर के गोला रोड निवासी विशेश्वर राउत के पुत्र अर्जुन राउत के रूप में हुई। उनकी मौत किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से हुई थी। आसपास के इलाकों में ही समय बिताते थे मृतक के पोते गौरव कुमार ने बताया कि अर्जुन राउत पिछले दो-तीन साल से मानसिक रूप से बीमार थे। उन्हें कान से कम सुनाई देता था और शरीर पर सफेद दाग भी थे। मानसिक बीमारी के कारण वे अक्सर खाना खाने के बाद घर से बाहर घूमने निकल जाते थे और आसपास के इलाकों में ही समय बिताते थे। गौरव कुमार के अनुसार, शनिवार दोपहर खाना खाने के बाद वे घर से निकले और गायब हो गए। परिवार ने रात भर उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रविवार को उन्हें पता चला कि एक बुजुर्ग का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया है, जिसके बाद अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अपने दादा की पहचान की। बुजुर्ग की मौत सड़क दुर्घटना में हुई – ट्रैफिक थाना अध्यक्ष ट्रैफिक थाना अध्यक्ष सदाशिव साहा ने पुष्टि की कि बुजुर्ग की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी जान चली गई। साहा ने कहा कि इस संबंध में लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। अर्जुन राउत अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।
शेखपुरा में सड़क पर मिला बुजुर्ग का शव:अज्ञात गाड़ी की चपेट में आने से गई जान, मानसिक रूप से थे बीमार
शेखपुरा जिले में शनिवार को एक अज्ञात बुजुर्ग का शव सड़क किनारे मिला। हथियावा थाना पुलिस ने शेखपुरा-बरबीघा मुख्य सड़क मार्ग पर बिहटा गांव के पास से लगभग 60 वर्षीय बुजुर्ग का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेजा गया। कुछ ही देर बाद पुलिस ने शव की पहचान कर ली। मृतक की पहचान शहर के गोला रोड निवासी विशेश्वर राउत के पुत्र अर्जुन राउत के रूप में हुई। उनकी मौत किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से हुई थी। आसपास के इलाकों में ही समय बिताते थे मृतक के पोते गौरव कुमार ने बताया कि अर्जुन राउत पिछले दो-तीन साल से मानसिक रूप से बीमार थे। उन्हें कान से कम सुनाई देता था और शरीर पर सफेद दाग भी थे। मानसिक बीमारी के कारण वे अक्सर खाना खाने के बाद घर से बाहर घूमने निकल जाते थे और आसपास के इलाकों में ही समय बिताते थे। गौरव कुमार के अनुसार, शनिवार दोपहर खाना खाने के बाद वे घर से निकले और गायब हो गए। परिवार ने रात भर उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रविवार को उन्हें पता चला कि एक बुजुर्ग का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया है, जिसके बाद अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अपने दादा की पहचान की। बुजुर्ग की मौत सड़क दुर्घटना में हुई – ट्रैफिक थाना अध्यक्ष ट्रैफिक थाना अध्यक्ष सदाशिव साहा ने पुष्टि की कि बुजुर्ग की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी जान चली गई। साहा ने कहा कि इस संबंध में लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। अर्जुन राउत अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।

