पूर्णिया जिले के सरसी इलाके में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना में उसकी दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। झुलसे किसान को घरवालों की मदद से आनन फानन में स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां गंभीर हालत में किसान का इलाज जारी है। घायल किसान की पहचान मिथिलेश यादव के रूप में हुई है, जो धमदाहा प्रखंड की चंपावती पंचायत के वार्ड संख्या 13 के निवासी हैं। खेत में भैंस चरा रहे थे किसान परिजनों के मुताबिक, मिथिलेश यादव रोज की तरह घर से अपनी भैंसों को लेकर खेत में चराने गए थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से दोनों भैंसों ने मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कुछ दूरी पर बैठे मिथिलेश यादव भी गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीण बोले— बड़ा हादसा टल गया घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मिथिलेश यादव उस समय भैंस पर बैठे होते तो उनकी जान भी जा सकती थी। आपदा प्रबंधन विभाग को दी गई सूचना इस संबंध में सरसी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया, ‘वज्रपात से दो भैंसों की मौत हुई है और उनके मालिक घायल हुए हैं। घटना की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को दे दी गई है। सरकारी सहायता के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।’ इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एक तरफ किसान अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है, तो दूसरी तरफ दो भैंसों की मौत से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।
पूर्णिया में वज्रपात की चपेट में आने से झुलसा किसान:आफत बनकर गिरी आसमानी बिजली, मवेशियों की मौत
पूर्णिया जिले के सरसी इलाके में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना में उसकी दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। झुलसे किसान को घरवालों की मदद से आनन फानन में स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां गंभीर हालत में किसान का इलाज जारी है। घायल किसान की पहचान मिथिलेश यादव के रूप में हुई है, जो धमदाहा प्रखंड की चंपावती पंचायत के वार्ड संख्या 13 के निवासी हैं। खेत में भैंस चरा रहे थे किसान परिजनों के मुताबिक, मिथिलेश यादव रोज की तरह घर से अपनी भैंसों को लेकर खेत में चराने गए थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से दोनों भैंसों ने मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कुछ दूरी पर बैठे मिथिलेश यादव भी गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीण बोले— बड़ा हादसा टल गया घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मिथिलेश यादव उस समय भैंस पर बैठे होते तो उनकी जान भी जा सकती थी। आपदा प्रबंधन विभाग को दी गई सूचना इस संबंध में सरसी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया, ‘वज्रपात से दो भैंसों की मौत हुई है और उनके मालिक घायल हुए हैं। घटना की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को दे दी गई है। सरकारी सहायता के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।’ इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एक तरफ किसान अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है, तो दूसरी तरफ दो भैंसों की मौत से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।


