Wednesday, July 1, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

झारखंड के जंगली हाथी झुंड से अलग होकर गयाजी पहुंचे:जंगल की तरफ भेजने की हो रही कोशिश, हाथी लगातार बदल रहे लोकेशन


गयाजी में दो हाथी अपने झुंड से बिछड़कर पहुंचे है। वे रास्ता भटक गए हैं। जंगली हाथियों की मौजूदगी से फतेहपुर और मोहनपुर प्रखंड के सीमावर्ती इलाकों में पिछले 48 घंटों से हाई-अलर्ट जैसी स्थिति बनी है। हाथियों को सुरक्षित तरीके से पड़ोसी राज्य झारखंड के घने जंगलों में वापस भेजने के लिए वन विभाग पिछले 36 घंटों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। हालांकि, अनजान इलाके में आने के कारण दोनों हाथी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। मंगलवार देर शाम तक भी वे फतेहपुर-मोहनपुर की सीमा से सटे जंगलों में ही भटकते नजर आए। सुरक्षित ठिकाने की तलाश में दौड़ रहे हाथी
​घटनाक्रम की शुरुआत रविवार सुबह हुई, गन्नी पिपरा गांव के समीप वन्य क्षेत्र से निकलकर दोनों हाथी अचानक घनी आबादी वाले इलाके के करीब पहुंच गए। विशालकाय हाथियों को अपने गांव की सीमा में देखकर ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। खास बात यह भी कि झुंड से अलग होने के कारण दोनों हाथी काफी अशांत और बेचैन दिखाई दे रहे हैं और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में इधर-उधर दौड़ रहे हैं। रेंजर और पुलिस ने संभाला मोर्चा
​हाथियों के आने की खबर आग की तरह इलाके में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे हाथियों को देखने के लिए जमा हो गए। लोगों द्वारा शोर-शराबा किए जाने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण हो गई थी। हाथी लोगों की भीड़ देखकर और उनके शोर सुनकर नाराज भी हो रहे थे। ​मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरपा वन क्षेत्र के रेंजर रजनीश कुमार और फतेहपुर थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सबसे पहले भीड़ को खदेड़ा और ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। गनीमत यह रही कि पिछले दो दिनों में इन हाथियों ने किसी भी ग्रामीण पर हमला नहीं किया है और न ही किसी प्रकार की जान-माल या संपत्ति की क्षति पहुंचाई है।
​दो वन क्षेत्रों की संयुक्त टीम तैनात, रूट डायवर्ट करने की कोशिश तेज ​वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, हाथियों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए झारखंड की सीमा में धकेलने के लिए बाराचट्टी वन क्षेत्र और गुरपा वन क्षेत्र की एक संयुक्त स्पेशल टीम का गठन किया गया है। यह टीम आधुनिक उपकरणों और ट्रेकर्स के साथ लगातार हाथियों के मूवमेंट पर पैनी नजर रख रही है।
​वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब जाने, उनके साथ सेल्फी लेने या उन्हें उकसाने जैसी लापरवाही कतई न करें। हाथियों के मार्ग में अवरोध पैदा न किया जाए ताकि वे शांतिपूर्वक आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर झारखंड वन विभाग और जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित कर मदद ली जा रही है ताकि सीमा पार कराते समय कोई बाधा न आए।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles