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अब रुकेंगी तेजस राजधानी और अमृत भारत एक्सप्रेस

मुख्य बातें:

ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट (भागलपुर)

Bhagalpur Railway Station: भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाने के लिए मालदा रेल मंडल ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर धरातल पर काम शुरू कर दिया है. आने वाले दिनों में भागलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन पर भी देश की प्रीमियम ट्रेनें जैसे तेजस राजधानी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस का ठहराव हो सकेगा. वर्तमान में प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने के कारण इन हाई-प्रोफाइल और लंबी दूरी की 22 कोच वाली ट्रेनों को यहां जगह नहीं मिल पाती थी. कई वर्षों से कागजों में लटकी इस विस्तार योजना का आखिरकार टेंडर फाइनल होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है.

7 करोड़ की महायोजना; 18 कोच से बढ़कर 22 कोच की बनेगी क्षमता

  • लंबाई बढ़ाने का संकट दूर: अभी तक प्लेटफॉर्म कम लंबा होने के कारण दो नंबर पर केवल 18 कोच और तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर अधिकतम 19 कोच वाली ट्रेनों का ही ठहराव संभव था. इस वजह से यहां केवल वनांचल एक्सप्रेस, भागलपुर-जयनगर एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस और लोकल पैसेंजर ट्रेनें ही खड़ी की जाती थीं.
  • करोड़ों का बजट: प्लेटफॉर्म के इस बहुप्रतीक्षित विस्तार और केबिन री-लोकेशन की यह पूरी योजना लगभग 7 करोड़ रुपये की प्राक्कलित लागत से पूरी की जा रही है, जिससे स्टेशन का पूरा लुक बदल जाएगा.
  • केबिनों का एकीकरण: इस योजना के तहत रेल परिचालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए स्टेशन के ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल केबिन को एक ही छत के नीचे डिजिटल रूप से संचालित किया जाएगा. इसके लिए नए संयुक्त केबिन भवन का निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू कर दिया गया है.

भारी ट्रेनों के लिए 52 किलो की जगह बिछेगी 60 किलो की मजबूत पटरी

भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से लेकर पांच तक की सभी पुरानी पटरियों को उखाड़कर नई और भारी क्षमता वाली रेल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है. अब तक इन प्लेटफॉर्म्स पर 52 किलो प्रति मीटर वाली पटरियों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब आधुनिक एलएचबी (LHB) कोचों के बढ़े हुए वजन और रफ्तार को संभालने के लिए 60 किलो प्रति मीटर वाली पटरियां लगाई जा रही हैं. इसकी शुरुआत प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन से की गई है, जहाँ ५०० मीटर के दायरे में कंक्रीट स्लीपरों के साथ ये भारी पटरियां लॉक की जा रही हैं.

Bhagalpur Railway Station: यात्रियों को आउटर पर रुकने की समस्या से मिलेगी मुक्ति

Bhagalpur Railway Station

प्लेटफॉर्म की लंबाई और पटरियों के इस कायाकल्प से भागलपुर स्टेशन की सबसे बड़ी समस्या ‘यार्ड रीमॉडलिंग और आउटर सिग्नल डिटेंशन’ का स्थाई समाधान हो जाएगा. अक्सर प्लेटफॉर्म खाली न होने या वीआईपी ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म संख्या एक ही उपलब्ध होने के कारण अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों को भागलपुर के आउटर सिग्नल पर घंटों इंतजार करना पड़ता था.

जैसे ही दो और तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर 21 और 22 कोच की क्षमता बहाल होगी, स्टेशन मास्टर के पास ट्रेनों को रिसीव करने के लिए अधिक विकल्प होंगे. रेलवे अधिकारियों का दावा है कि केबिन भवन और ट्रैक चेंजिंग का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद जल्द ही तेजस और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों को नए प्लेटफॉर्म्स पर रूट चार्ट के अनुसार हरी झंडी दिखाई जाएगी.

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