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दरभंगा के केवटी में वर्षों से बंद पड़ी रैयाम चीनी मिल को फिर से चालू करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल की है। इसको लेकर जिलाधिकारी ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा समिति का गठन किया है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। गठित समिति में केवटी विधायक डॉ.मुरारी मोहन झा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, ईख पदाधिकारी (लहेरियासराय) और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। डीएम ने जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर आयोजन क्षेत्र के पात्र एवं इच्छुक किसानों की पहचान करें। केवटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने इस फैसले पर खुशी जताया है।
किसानों में जगी उम्मीद बीजेपी विधायक ने भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर अब इस कार्य में तेजी लाई जाएगी। रैयाम चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग सदन से लेकर सड़क तक लगातार उठाई थी। अब सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है, जिससे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है। प्रस्तावित सहकारी चीनी मिल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसके वास्तविक मालिक किसान स्वयं होंगे। इसके लिए ‘प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति’ का गठन किया जाएगा। इसमें किसान सदस्य बनकर मिल के संचालन में भागीदार होंगे। रैयाम चीनी मिल के पोषक क्षेत्र में दरभंगा जिले के 580 गांव और मधुबनी जिले के 438 गांव, यानी कुल 1018 गांवों को गन्ना आपूर्ति के लिए आरक्षितकिया गया है। ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं समिति की सदस्यता के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए गन्ना उत्पादन हेतु न्यूनतम 100 डिसमिल भूमि की शर्त निर्धारित की गई है। महिलाओं एवं अन्य पात्र वर्गों के लिए यह सीमा 50 डिसमिल होगी। सदस्य बनने के लिए 500 रुपए सदस्यता शुल्क और 1000 रुपए शेयर राशिजमा करनी होगी। योग्य किसान सरकार के ई-सहकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सदस्य बन सकते हैं।


