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पटना जू में जुलाई के अंत तक कर्नाटक के शिवमोगा जू से 2 नर गौर आयेंगे। पटना जू प्रशासन इसकी तैयारियों में लगा हुआ है। सेंट्रल जू अथॉरिटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अभी पटना जू में सिर्फ़ 2 मादा गौर हैं। 2 नर गौर लाने से पटना जू में गौर की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। शिवमोगा जू को देश की पहली विशेष ‘गौर सफारी’ के रूप में विकसित की गई है। इसके तहत मैसूरू चिड़ियाघर से लाए गए भारतीय गौर रखे जाते हैं। जून 2025 में संक्रमण से मादा गौर की हुई थी मृत्यु जून 2025 में संक्रमण से मादा गौर की मृत्यु हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार थिलेरियोसिस संक्रमण के कारण गौर की मौत की बात सामने आयी। गौर की मृत्यु के 20 दिनों पहले से ही उसके संक्रमण का इलाज चल रहा था। उससे पहले मार्च 2025 में आधी रात को नर गौर भैरवा की मौत हो गई थी। तीन-चार दिनों से बीमार चलने के बाद उसने खाना भी छोड़ दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का प्रारंभिक कारण सेप्टीसीमिया और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर बताया गया था। पटना जू में मैसूर जू से आएगा नर जिराफ वहीं, पटना जू में मैसूर जू से नर जिराफ आएगा। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जानवरों की अदला-बदली होगी। जिराफ लाने को लेकर पहले कोलकाता जू से बातचीत हुई थी। मगर वहां से फीका रिस्पॉन्स मिला, जिसके बाद मैसूर से जिराफ लाया जाएगा। नर जिराफ को पटना जू लाने का मुख्य उद्देश्य जिराफ के ब्लड लाइन को बदलकर उसके ब्रीडिंग को बढ़ावा देना है। ऐसे में अगर मैसूर जू मांग करेगी तो यहां से तीन साल के मादा शावक जिराफ को मैसूर जू एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेजा जाएगा, क्योंकि पटना जू के पास अभी केवल एक मादा व्यस्क जिराफ मौजूद है।

