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मोतिहारी नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर संबंधित सफाई एजेंसी पर लगभग 14.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। नगर आयुक्त आशीष कुमार इन दिनों विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता सुधारने के लिए सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठकें की हैं। इन बैठकों के दौरान, नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने का निर्देश दिया। जिन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उनके लिए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। कार्यों में धीमी प्रगति और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए, दो ठेकेदारों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। सुधार नहीं होने पर एजेंसियों के खिलाफ होगी कार्रवाई नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ अनुबंध के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निविदा प्रक्रिया को लेकर भी नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी टेंडर प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संचालित की जानी चाहिए। किसी भी पात्र एजेंसी को मनमाने या निराधार कारणों से अयोग्य घोषित नहीं किया जाएगा, बल्कि हर निर्णय तकनीकी मानकों और नियमों के आधार पर ही लिया जाएगा। सफाई एजेंसी पर 14.50 लाख रुपए की पेनल्टी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के दौरान, कार्य में लापरवाही और मानकों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के कारण संबंधित सफाई एजेंसी पर लगभग 14.50 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई। नगर आयुक्त ने दोहराया कि शहर की स्वच्छता और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंत में, उन्होंने सभी अधिकारियों और अभियंताओं को नियमित फील्ड निरीक्षण करने, कार्यों की निगरानी रखने और प्रत्येक परियोजना को समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर अधिकारी अपने कार्य के प्रति व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
