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भास्कर सवाल: आपके पास लॉ एंड ऑर्डर का अनुभव है, ऐसे में रियल एस्टेट को कैसे रेगुलेट करेंगे…? रांची| झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (झारेरा) के नव नियुक्त अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। झारखंड के डीजीपी पद से सेवानिवृत होने के बाद सीधे रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े संस्थान की बड़ी जिम्मेदारी मिलना चर्चा का विषय बना हुआ था। निगम भवन स्थित झारेरा कार्यालय में प्रभार लेने के बाद सिंह ने कर्मचारियों संग बैठक की। झारेरा के कार्यों को समझा और पेंडिंग मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फ्लैट खरीदारों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें, ताकि झारेरा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़े। इस मौके पर दैनिक भास्कर के चीफ रिपोर्टर संतोष चौधरी ने झारेरा चेयरमैन से विशेष बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश… आपके पास लॉ एंड ऑर्डर संभालने का अनुभव है, ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर को कैसे रेगुलेट करेंगे? जवाब- पुलिस भी नियम-कानून से ही काम करती है। इसलिए रियल एस्टेट सेक्टर को रेगुलेट करना कोई अलग काम नहीं है। सरकार ने फ्लैट खरीदारों और बिल्डरों के बीच होने वाले विवाद, फ्लैट खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया है। इसके लिए नियम-कानून बनाए गए हैं। इसलिए फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा करने के लिए इस कानून को सख्ती से लागू करेंगे। {पुलिस महकमा में सुरक्षाकर्मियों की बड़ी फौज होती थी, पर यहां इंफोर्समेंट टीम नहीं है, कैसे सख्ती करेंगे? जवाब- हां, यह बात बिल्कुल सही है कि पुलिस महकमा संभालने में सुरक्षाबलों की बड़ी फौज होती है। इस वजह से काम आसान होता था। लेकिन, झारेरा में कानून को सख्ती से लागू कराने के लिए पर्याप्त मैनपॉवर की कमी है। इसके बावजूद फ्लैट खरीदारों के हक अधिकारों को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। गड़बड़ी करने वाले बिल्डर-डेवलपर्स पर कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन से इंफोर्समेंट टीम मांगी जाएगी। लंबित मामलों के निपटारे की क्या प्राथमिकता होगी? जवाब- झारेरा में लंबित मामलों के निपटाने में तेजी आएगी। कई शिकायतें हैं जिसपर सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाना है। मैंने सबसे पहले इसी काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। तय समय सीमा के अंदर पेंडिंग मामलों का निपटारा किया जाएगा, ताकि फ्लैट खरीदारों को उनका हक मिल सकते। समय पर फ्लैट नहीं मिलने, पैसा रिफंड करने में देरी, प्रोजेक्ट में हो रही देरी जैसी शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर होगा। फ्लैट खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या नई पहल करेंगे और उन्हें क्या संदेश देंगे? जवाब- रेरा कानून के तहत बिल्डरों के प्रोजेक्ट के लिए जो भी नियम निर्धारित किए गए हैं, उन्हें उसके दायरे में रहकर ही काम करना होगा। निर्धारित समय पर प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे। जमीन की प्लॉटिंग करके बेचने वाले डेवलपर्स को भी नियमों का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित बिल्डर-डेवलपर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फ्लैट खरीदार निश्चित होकर उचित प्रमाण के साथ झारेरा में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी। जल्द ही इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
