Thursday, July 9, 2026

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रिम्स निदेशक का औचक निरीक्षण:रिम्स में डॉक्टरों की ड्यूटी अब 24 घंटे के बजाय 8-8 घंटे की होगी, बढ़ेगी कार्यक्षमता और मरीजों को मिलेंगे बेहतर इलाज व सुविधाएं


पार्किंग और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के निर्देश रिम्स निदेशक ने बुधवार सुबह अस्पताल के विभिन्न विभागों और परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक, उपाधीक्षक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, स्वच्छता, अस्पताल प्रबंधन और संसाधनों के उपयोग की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में ड्यूटी ऑफिसरों की मौजूदा 24 घंटे की ड्यूटी व्यवस्था समाप्त कर 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से कार्यक्षमता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर इलाज व सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही विभाग में कार्यरत सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने कहा कि एमएचए के सीनियर रेजिडेंट की भी नियमित ड्यूटी लगाई जाए। जलजमाव से परेशान फिजियोथेरेपी विभाग होगा स्थानांतरित
फिजियोथेरेपी विभाग में लगातार जलजमाव की समस्या को देखते हुए निदेशक ने विभाग को अस्थायी रूप से आइसोलेशन वार्ड के एक विंग में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इसके लिए आवश्यक सिविल और विद्युत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अस्पताल परिसर में उचित साइनेज लगाने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा गया। आइसोलेशन वार्ड के बाहरी हिस्से में जमा गंदगी और अनुपयोगी विद्युत उपकरणों को तत्काल हटाने का भी निर्देश दिया गया। पार्किंग और रैन बसेरा व्यवस्था होगी दुरुस्त : निदेशक ने पुरानी इमरजेंसी के पास पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण कर अनधिकृत पार्किंग पर रोक लगाने तथा प्रवेश-निकास व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के पास बने वेटिंग एरिया पर अनधिकृत कब्जा हटाने को भी कहा गया। इसके अलावा रैन बसेरा की व्यापक साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत कर उसे सुरक्षा बलों के आवास के रूप में शीघ्र उपयोग योग्य बनाने के निर्देश दिए गए। भ्रामक साइनेज बदलने और लैब व्यवस्था सुधारने के निर्देश: निरीक्षण के दौरान मेडिसिन एक्सटेंशन वार्ड में लगे भ्रामक साइनेज को बदलने, सेंट्रल लैब और आयुष्मान भारत नोडल कार्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं, एनसीडी स्क्रीनिंग कक्ष के पास उपलब्ध खाली स्थानों का उपयोग मरीजों की सुविधा के अनुरूप करने पर भी जोर दिया गया। समयबद्ध कार्रवाई होगी, नियमित होगी समीक्षा: निरीक्षण के अंत में निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में मरीजों की सुविधा, स्वच्छता, बेहतर प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही सभी निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

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