
North Bengal Weather Forecast: अगले 48 घंटों में उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जिले में मूसलाधार वर्षा और वज्रपात होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र कोलकाता ने विशेष बुलेटिन (Special Bulletin) जारी कर यह जानकारी दी है. आईएमडी के अलर्ट में कहा गया है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, उत्तर-पूर्वी बिहार एवं दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और मानसूनी ट्रफ के असर से अगले कुछ दिनों तक उत्तर बंगाल में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी.
पिछले 24 घंटों का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जिलों में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गयी. पूरा विवरण नीचे देखें.
- आमफू पुंडीबारी (कूचबिहार) में 9 सेंटीमीटर
- गांद्रापारा टी एस्टेट (जलपाईगुड़ी) में 7 सेंटीमीटर
- गोपालपुर, हसिमारा (अलीपुरदुआर PTO) में 6 सेंटीमीटर
- आर्यमान टी एस्टेट (अलीपुरदुआर) में 6 सेंटीमीटर
- कुरती टीई (जलपाईगुड़ी) में 5 सेंटीमीटर
- फालाकाटा (अलीपुरदुआर) में 5 सेंटीमीटर
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अगले 7 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान
- 12 जुलाई 2026 : दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरदुआर जिलों में एक-दो जगह भारी से बहुत भारी (7 से 20 सेमी) वर्षा हो सकती है. उत्तर दिनाजपुर में भारी वर्षा (7-11 सेमी) और सभी जिलों में वज्रपात का अलर्ट है.
- 13 जुलाई 2026 : उत्तर बंगाल के सभी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) और आकाशीय बिजली की संभावना है.
- 14 जुलाई 2026 : दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर जिलों में भारी वर्षापात (7-11 सेमी) के साथ वज्रपात होने का अनुमान है.
- 15 से 16 जुलाई 2026 : अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने होती रहेगी.
- 17 जुलाई 2026 : कलिम्पोंग जिले में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
- 18 जुलाई 2026 : दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर में भारी वर्षा (7-11 सेमी) हो सकती है.
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मौसम का संभावित प्रभाव
- दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी इलाकों में भू-स्खलन (Landslides) की आशंका.
- शहरी/ग्रामीण इलाकों के निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की आशंका.
- तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक जैसी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना.
- कच्चे मकानों, दीवारों और खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका.
खराब मौसम में क्या करें/क्या न करें
- वज्रपात के दौरान पक्के और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें.
- पेड़ों, बिजली के खंभों या जलाशयों के पास न जाएं.
- पहाड़ी रास्तों पर वाहनों का आवागमन सावधानीपूर्वक नियंत्रित किया जाए.


