
Darjeeling Landslide Update: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दार्जिलिंग की पहाड़ियों पर लगातार वर्षा की वजह से 12 जुलाई को भी भू-स्खलन का खतरा बना हुआ है. पिछले 24 घंटे में मिरिक, सुखिया पोखरी और घूम के पास कई जगहों पर पहाड़ से मलबा गिरने की खबर है. इस बीच राहत कार्य में तेजी आयी है. तिनधरिया में क्षतिग्रस्त घर के परिवार को तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता दी गयी है. अन्य प्रभावित परिवारों का सर्वे जारी है.
मिरिक के शिविरों में पहुंची राहत सामग्री
प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा भू-स्खलन प्रभावित परिवारों में कंबल, राशन किट और भोजन का वितरण किया जा रहा है. साथ में मेडिकल कैंप में डॉक्टर पीड़ित परिवारों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं. राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवा और जरूरी सामान की व्यवस्था की गयी है. 24 घंटे डॉक्टरों की टीम भी काम कर रही है.
सड़क और रेल की स्थिति
तिनधरिया में बंद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-55) को आंशिक रूप से खोल दिया गया है. पीडब्ल्यूडी और सेना की टीमों ने रात भर काम करके एक लेन से हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू करवायी है. भारी वाहनों के लिए रास्ता अब भी बंद है. मिरिक-सुखिया पोखरी मार्ग पर 2 जगह सड़क धंसने से यातायात प्रभावित है. सुरक्षा कारणों से दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे यानी टॉय ट्रेन सेवा आज भी स्थगित रही.
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मिरिक, कलिम्पोंग और नागराकाटा में एनडीआरएफ तैनात
NDRF की 3 टीमें मिरिक, कलिम्पोंग और नागराकाटा में राहत कार्य कर रही हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक 280 लोगों को सुरक्षित निकालकर मिरिक, कलिम्पोंग और सुखिया पोखरी में बनाये गये 4 राहत शिविरों में रखा गया है. शिविरों में भोजन, पानी, दवा और कंबल की व्यवस्था की गयी है.
पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा टालने की अपील
IMD ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है. अगले 24 घंटे में 150 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है. इसी वजह से भू-स्खलन की आशंका बनी हुई है. जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे और ढलान वाले इलाकों में न जाएं. पर्यटकों से भी अनावश्यक यात्रा टालने की अपील की गयी है.
24 घंटे काम कर रहा है हेल्पलाइन
दार्जिलिंग पुलिस ने लोगों की सहूलियत के लिए हेल्पलाइन नंबर +91 91478 89078 जारी किया गया है. यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे काम कर रहा है. प्रशासन ने कहा है कि मौसम साफ होते ही सड़कों को पूरी तरह बहाल करने का काम युद्धस्तर पर होगा.
