
खड़गपुर से जीतेश बोरकर की रिपोर्ट
बंगाल और झारखंड के जंगलमहल की पहचान बन चुके प्रसिद्ध दांताल हाथी ‘रामलाल’ का नाम अब जंगलों से निकलकर सड़कों पर भी अपनी अलग पहचान बनायेगा. झाड़ग्राम-कोलकाता रूट पर शुरू होने जा रही अत्याधुनिक वातानुकूलित (एसी) निजी बस का नाम ‘रामलाल’ रखा गया है. बस के बाहरी हिस्से पर हाथी ‘रामलाल’ की विशाल और आकर्षक तस्वीर उकेरी गयी है. बस की तस्वीरें सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचते ही इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गयी है. लोग इस अनोखी पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे जंगलमहल की पहचान को नयी पहचान दिलाने वाला प्रयास बता रहे हैं.
जंगलमहल की पहचान बन चुका है ‘रामलाल’
जंगलमहल के लोगों के लिए ‘रामलाल’ केवल एक जंगली हाथी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुका है. वर्षों से झाड़ग्राम और आसपास के वन क्षेत्रों में उसकी मौजूदगी चर्चा का विषय रही है. कभी जंगल के रास्तों पर उसकी शांत चाल तो कभी आबादी वाले इलाकों के आसपास उसकी आवाजाही ने उसे लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया. वन विभाग भी लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखता रहा है. समय के साथ ‘रामलाल’ जंगलमहल का एक प्रतीक बन गया. इसी लोकप्रियता को देखते हुए बस संचालकों ने नयी सेवा का नाम ‘रामलाल’ रखने का निर्णय लिया. उनका कहना है कि यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि जंगलमहल की संस्कृति, प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति सम्मान का प्रतीक है.
जंगलमहल की पहचान को मिलेगा नया आयाम
बस संचालकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि जंगलमहल की पहचान को राज्य और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना भी है. झाड़ग्राम से कोलकाता के बीच प्रतिदिन चलने वाली यह बस हजारों यात्रियों को जंगलमहल की प्राकृतिक विरासत और उसकी विशेष पहचान से परिचित करायेगी. संचालकों का मानना है कि किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को परिवहन से जोड़ने से वह लोगों के मन में लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ती है. इसी सोच के साथ यह पहल की गयी है.
अंतिम मंजूरी का इंतजार
जिला परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार बस का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) पूरा हो चुका है. फिलहाल स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से अंतिम स्वीकृति मिलनी बाकी है. सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही यह आधुनिक एसी बस झाड़ग्राम-कोलकाता मार्ग पर नियमित रूप से यात्रियों की सेवा शुरू कर देगी. अंतिम स्वीकृति मिलते ही ‘रामलाल’ नाम की यह एसी बस झाड़ग्राम से कोलकाता के बीच नियमित रूप से संचालित होगी. इसके साथ ही जंगलों का यह चर्चित दांताल हाथी अपने नाम के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों के सफर का हिस्सा बनेगा.
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स्थानीय लोगों में उत्साह
बस के नाम और आकर्षक डिजाइन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है. उनका कहना है कि किसी प्रसिद्ध जंगली हाथी के नाम पर बस का नामकरण इस क्षेत्र में पहली बार किया गया है. इससे न केवल जंगलमहल की अलग पहचान बनेगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी. स्थानीय युवाओं का मानना है कि जब यह बस कोलकाता की सड़कों पर दौड़ेगी, तब लोग केवल एक बस नहीं, बल्कि जंगलमहल की संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और क्षेत्रीय गौरव की झलक भी देखेंगे.
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