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व्यवहार न्यायालय की लोक अदालत में लंबित एक मामले की सुनवाई के क्रम में गठित तीन सदस्यीय अधिवक्ताओं की जांच टीम ने मंगलवार की शाम अनुराग गली से झांसी चौक तक नाला निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। यह जांच पीएलए वाद संख्या 4/26 के तहत लोक अदालत के मजिस्ट्रेट महेश कुमार के निर्देश पर की जा रही है। जांच टीम को 16 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट न्यायालय में सौंपनी है। तीन सदस्यीय टीम ने किया स्थल निरीक्षण जांच दल में अधिवक्ता इंजीनियर कौशल यादव, अधिवक्ता मनोज कुमार वर्मा और अधिवक्ता रवि भूषण शामिल थे। टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर नाला निर्माण, सफाई व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी पहलुओं का जायजा लिया। आवेदन में लगाए गए थे लापरवाही के आरोप अधिवक्ता इंजीनियर कौशल यादव ने बताया कि डीबी रोड स्थित अनुराग गली से झांसी चौक तक नगर निगम द्वारा नाले का समुचित निर्माण कराया जाना चाहिए। इस मामले में गांधी पथ निवासी कलेन्द्र प्रताप सिंह ने लोक अदालत में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि नगर निगम ने नाले की केवल आंशिक सफाई कराई है, जबकि अधिकांश हिस्सों में अब भी गाद और कचरा जमा है। साथ ही कई स्थानों पर नाले पर ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। कई जगह ढक्कन सही नहीं मिले, गंदगी भी मिली
आवेदन पर संज्ञान लेते हुए लोक अदालत के मजिस्ट्रेट महेश कुमार ने तथ्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय अधिवक्ताओं की टीम गठित की थी। इसी क्रम में मंगलवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिवक्ता मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि नाले का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन कई स्थानों पर लगाए गए ढक्कन सही तरीके से नहीं रखे गए हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा नाले के आसपास कई जगह गंदगी और कचरे का अंबार भी मिला, जिससे नियमित सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। 16 जुलाई तक न्यायालय में सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच टीम ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न बिंदुओं का दस्तावेजीकरण किया। अब टीम अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर 16 जुलाई तक लोक अदालत में प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।


