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झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को जामताड़ा का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले मृतका के परिजनों से उनके आवास पर मुलाकात की और संवेदना व्यक्त करते हुए सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद मंत्री ने जामताड़ा सदर अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां गुरुवार को हुई तोड़फोड़ की घटना का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, मंत्री ने अस्पताल में क्षतिग्रस्त हुए इलेक्ट्रिक उपकरण, मशीनें, खिड़कियां, दरवाजे और फर्नीचर सहित अन्य सामानों का अवलोकन किया। गौरतलब है कि सदर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में जामताड़ा थाना में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस तोड़फोड़ से लगभग एक करोड़ रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है। मंत्री ने सवाल उठाया कि इस बड़े नुकसान की भरपाई कौन करेगा। प्रसूता की मौत के मामले पर डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित महिला का पहले से धनबाद में इलाज चल रहा था और वह खून की कमी से पीड़ित थी। उन्होंने कहा कि उनके स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी मरीज को अस्पताल आने पर भर्ती किया जाए। चिकित्सकों ने इसी निर्देश का पालन करते हुए महिला को भर्ती किया और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हरसंभव इलाज तथा सुरक्षित प्रसव का प्रयास किया। हालांकि, हालत अधिक गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी
डॉ. इरफान अंसारी ने यह भी कहा कि यदि इस पूरे मामले में किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही या प्रशासनिक चूक सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। तोड़फोड़ की घटना को लेकर मंत्री ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार को कथित तौर पर 20 हजार रुपए का लालच देकर शव को सदर अस्पताल लाने और हंगामा करने के लिए उकसाया। मंत्री ने कहा कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो फुटेज उनके पास उपलब्ध है और उसी के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी आरोपियों को हर हाल में गिरफ्तार किया जाए
मंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने एसडीओ और एसडीपीओ से कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को हर हाल में गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा, “आरोपी जहां भी छिपे हों, जहन्नुम से उन्हें खोजकर सामने लाइए। इस दौरान मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) से कहा कि यदि अस्पताल की व्यवस्था नहीं संभल रही है तो इस्तीफा दे दीजिए। साथ ही उन्होंने घटना में शामिल उस नर्स के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिस पर मरीज से पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। मंत्री ने कहा कि संबंधित कर्मी का नाम सामने आते ही उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और आवश्यक होने पर बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विपक्ष लगातार स्वास्थ्य विभाग को निशाना बना रहा
भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विपक्ष लगातार स्वास्थ्य विभाग को निशाना बना रहा है और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। वहीं, अस्पताल को बदनाम करने में संलिप्त कर्मियों को भी चिन्हित कर कारवाई किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और मरीजों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

