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बिहार में आज यानी रविवार को 17 जिलों में हैवी रेन और 20 जिलों में बारिश की संभावना है। इसको लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली भी गिरने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटे राज्य के अधिकतर हिस्सों में मानसून एक्टिव रहेगा। खासकर दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में ज्यादा असर दिखेगा। पहले मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें… 55 प्रतिशत कम बारिश हुई मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, 18 जुलाई तक बिहार में कुल 206.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि समान्य रूप से 371.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह से राज्य में अभी 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। पटना में चार दिनों तक मौसम में बदलाव नहीं पटना में अगले चार दिनों तक मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, शहर में बादलों का आना-जाना लगा रहेगा। बीच में कभी हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा और न्यूनतम तापमान में 27 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इसी बीच उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। खराब मौसम में खेत या खुले में न जाने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती और सिंचाई संबंधी काम करें। जिन क्षेत्रों में हैवी रेन की संभावना है। वहां जल निकासी की व्यवस्था पहले से कर लें। इसके अलावा खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे न रहने की सलाह दी गई है। तेज हवा चले तो कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें। 12 जिलों में शनिवार को हुई बारिश कहीं तेज बारिश तो कहीं छाए रहे बादल बिहार के कई जिलों में शनिवार को तेज बारिश हुई। जिसमें लखीसराय, शिवहर, नालंदा, जमुई, कटिहार, सासाराम और बेगूसराय शामिल है। इससे पहले बगहा, पूर्णिया, अररिया, बक्सर, जहानाबाद में तेज बारिश हुई। पटना, सीवान समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। नालंदा में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई थी। दूसरी तरफ नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश से कोसी नदी उफान पर है। कोसी बराज से पानी छोड़ने के बाद दरभंगा में 20 से ज्यादा गांव डूब चुके हैं। 6 गांव टापू बन चुके हैं। इन गांवों में नाव चल रही है। सड़क से संपर्क टूट गया है। गांवों का सड़क से संपर्क टूटने से हजारों लोग घरों में फंसे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बाजार जाने, मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए नाव संचालक प्रति व्यक्ति 40 रुपए किराया वसूल रहे है।
