Illegal Coal Mining: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पश्चिम बंगाल में अवैध खनन के खिलाफ मुहिम तेज कर दी है. इसके तहत ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) क्षेत्र में अवैध कोयला खनन, चोरी, भंडारण और परिवहन के खिलाफ अभियान चलाकर 540 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया है. खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act, 1957) के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई 22 जून 2026 से 18 जुलाई 2026 के बीच की गयी है. ईसीएल के मुगमा कैंप क्षेत्र के गलफाड़ी जंगल और चापापुर ओसीपी क्षेत्र से अवैध कोयला और उसका परिहवन करने वाले वाहन जब्त किये गये हैं.
खुफिया इनपुट पर CISF की ताबड़तोड़ छापेमारी
सीआईएसएफ मुख्यालय के निर्देश पर ईसीएल में तैनात सीआईएसएफ यूनिट्स ने अवैध कोयला खनन और परिवहन नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सिलसिलेवार अभियान चलाया. संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और समन्वय के आधार पर ऑपरेशंस को अंजाम दिया गया. इस अभियान के तहत ईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से 540 मीट्रिक टन अवैध रूप से निकाला गया कोयला जब्त किया गया है. कोयला चोरी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी सीआईएसएफ ने अपने कब्जे में लिया है, जिनमें ट्रैक्टर-ट्रॉली, मोटरसाइकिल और साइकिल शामिल हैं.

24 घंटे गश्त और औचक छापेमारी
अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सीआईएसएफ की टीमें दिन-रात अलर्ट मोड में हैं. संवेदनशील खनन स्थलों, परिवहन मार्गों, कोयला डिपो (कोल डंप) और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर 24 घंटे निरंतर गश्त (Patrolling) की जा रही है. खुफिया जानकारी के आधार पर औचक छापेमारी (Surprise Raids) और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाये जा रहे हैं.
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जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम सीआईएसएफ
सीआईएसएफ मुख्यालय ने अवैध खनन और उससे जुड़े अपराधों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति (Zero-Tolerance Policy) को एक बार फिर दोहराया है. सीआईएसएफ का यह अभियान राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करने, सरकारी राजस्व को बचाने और खनिज संसाधनों को संरक्षित करने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है.
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