![]()
बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने दिल्ली में छात्र आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को दबाने और बदनाम करने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद सुधाकर सिंह ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आंदोलन को कुचलने की रणनीति अपनाई जा रही है। उनके अनुसार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह पर लगे कदाचार एवं भ्रष्टाचार के आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह घटनाक्रम रचा गया है। हजारों सीआरपीएफ जवानों को दिल्ली बुलाया गया – सांसद उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि देश के विभिन्न हिस्सों, जैसे जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल से हजारों सीआरपीएफ जवानों को दिल्ली बुलाया गया है। जंतर-मंतर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य आंदोलनरत छात्रों पर दबाव बनाना और आंदोलन को कमजोर करना है। सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस समर्थित तत्व, दिल्ली पुलिस के सहयोग से आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित लोग पुलिस की मदद से आंदोलनकारी छात्रों के बीच घुसकर उपद्रव का माहौल बना रहे हैं, ताकि आंदोलन को खालिस्तानी, आतंकवादी और नक्सली जैसे नामों से जोड़कर बदनाम किया जा सके। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि देश का पूरा विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठन आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़े हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि प्रशासन या कोई अन्य व्यक्ति उन्हें हिंसा के लिए उकसाने का प्रयास करे, तब भी वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखें। उन्होंने पिछले एक महीने से छात्रों द्वारा दिखाए गए संयम और अनुशासन की सराहना की। सांसद ने विश्वास जताया कि छात्रों की मांगों को अंततः स्वीकार करना पड़ेगा।

