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गंगा और कोसी का जलस्तर गिरने के बीच गुरुवार की आधी रात रंगरा और गोपालपुर प्रखंड में बांधों के टूटने और कटाव की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। रंगरा प्रखंड के मुरली गांव के पास रात करीब 11 बजे रेल बांध का करीब 15 मीटर हिस्सा टूट गया। बांध टूटते ही बनिया और साधोपुर गांवों की ओर तेजी से पानी फैलने लगा। बारिश के बीच अचानक पानी गांव की ओर बढ़ने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। वहीं, बनिया से साधोपुर जाने वाली मुख्य सड़क का करीब 70 से 80 मीटर हिस्सा भी पानी की तेज धार की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।नग्रामीणों का कहना है कि बांध टूटने के बाद उन्होंने जल संसाधन विभाग और पुलिस को सूचना दी थी। आरोप है कि तेज बारिश के कारण देर रात करीब 1:30 बजे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच सका था। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि पानी बढ़ने पर भवानीपुर, मधुसूदनपुर और जहांगीरपुर बैसी पंचायत के कई गांव भी प्रभावित हो सकते हैं। रात में बांध टूटने के बाद ग्रामीणों के बीच पूरी रात दहशत का माहौल बना रहा। तटबंधों और बांधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट इधर, जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि बाढ़ की स्थिति के बीच जिले में तटबंधों और बांधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संवेदनशील स्थलों पर कटाव और ब्रीच की सूचना मिलते ही प्रशासन एवं संबंधित विभागों की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कर रही हैं। गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध में रात्रि के समय हुए ब्रीच को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया है। ब्रीच को नियंत्रित करने में जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। प्रशासन का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों और तकनीकी टीमों ने आपसी समन्वय और तत्परता से काम करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया। वहीं, रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे लगभग 20 फीट का कटाव होने की जानकारी प्रशासन ने दी है। कटाव के कारण बांध से निकल रहा पानी पीडब्ल्यूडी की 14 नंबर सड़क के किनारे फैलने लगा। पानी के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए सड़क के किनारे डॉवल निर्माण का काम शुरू किया गया है। कटाव स्थल पर बांध को और क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए बांस पाइलिंग और एनसी कार्य की तैयारी की जा रही है। बांध पर ओवरटॉपिंग के पानी को रोकने के लिए बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। नदी की ओर से प्लास्टिक शीट की परत लगाकर उसके ऊपर बालू से भरे बोरे रखने का काम भी किया जा रहा है, ताकि पानी के दबाव और कटाव को नियंत्रित किया जा सके। धोबनिया जमींदारी बांध के कटाव स्थल पर कनीय अभियंता अविनाश कुमार और सहायक अभियंता मुरारी प्रसाद सिंह सहित संबंधित तकनीकी टीम मौजूद है। प्रशासन के अनुसार, बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य लगातार जारी है। संबंधित विभागों की टीमें आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई में जुटी इसके अलावा रंगरा चौक क्षेत्र में धोबनिया बांध (कलबलिया नदी), रंगरा पंचायत तथा बुढ़िया बांध (सदोपुर रिंग बांध) और बनिया बैसी पंचायत में भी ब्रीच की सूचना मिली है। इन स्थानों पर संबंधित विभागों की टीमें आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई में जुटी हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि सभी संवेदनशील बांधों और तटबंधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों और अभियंताओं को आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि कटाव और ब्रीच की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर आसपास के इलाकों और प्रमुख सड़कों को सुरक्षित रखा जा सके। प्रशासन ने बचाव एवं नियंत्रण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया है।
भागलपुर- रंगरा में रेल, गोपालपुर में ब्रह्मोत्तर बांध टूटा:दोनों गांव के स्कूलों में भरा पानी, लोगों ने ऊंचाई वाले इलाकों में लिया शरण
