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नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली और पटना में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में अब मोतिहारी में भी छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार शाम विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले शहर में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह कैंडल मार्च शहर के बलुआ चौक से शुरू होकर कचहरी चौक तक पहुंचा। इस दौरान छात्र शांतिपूर्ण ढंग से हाथों में कैंडल लिए आगे बढ़ते रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि जब सभी मंत्रालय प्रधानमंत्री खुद संचालित कर रहे हैं, तो शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगी
छात्रों ने यह भी कहा कि एक ओर जहां नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगी होती जा रही है। उन्होंने नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक होने को भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। इस शांतिपूर्ण कैंडल मार्च को लेकर प्रशासन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने छात्रों के संयमित प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोतिहारी के छात्रों ने कानून को अपने हाथ में नहीं लिया, जो उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और मोतिहारी के छात्रों ने इसका एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

