रांची8 घंटे पहले
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JPSC के निवर्तमान अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते। (फाइल)
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में गुरुवार को CID की टीम ने JPSC के निवर्तमान अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित आवास पर छापेमारी की।
CID टीम पुलिस बल के साथ एल. ख्यांग्ते के आवास पर पहुंची और JPSC से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। जांच दल ने महत्वपूर्ण कागजात और अन्य रिकॉर्ड खंगाला। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
यह कार्रवाई JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की जा रही है। इस मामले में CID ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। CID ने इस पूरे प्रकरण में कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है।
CID की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है और जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
मंगलवार देर शाम दिया था इस्तीफा
जेपीएससी कार्यालय में सीआईडी और रांची पुलिस की छापेमारी के बाद चेयरमैन एल ख्यांगते ने मंगलवार देर शाम इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को इस्तीफा मंजूर कर लिया। इसके बाद जेपीएससी ने नौ परीक्षाओं को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई। आयोग ने नौ जुलाई को ही इन परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, जो सितंबर तक होनी थी। इन परीक्षाओं के माध्यम से 500 अधिकारियों की नियुक्ति होनी थी।
इनमें प्रशासनिक सेवा, न्यायिक सेवा, अभियोजन, उद्योग श्रम एवं तकनीकी विभाग के पद थे। वहीं 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक होनी थी, जिसकी तैयारी अंतिम चरण में चल रही थी। आयोग ने परीक्षा स्थगित करने का कारण अपरिहार्य बताया है।
मनोज तिवारी की पोड़ैयाहाट से गिरफ्तारी, घर से मिले 5 लाख इधर, जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी और दो कर्मचारी मो. उस्मान व मो. एबाद शामिल हैं।
इन सभी को जेल भेज दिया गया है। इनमें मनोज की गिरफ्तारी गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से हुई। वह वहां किराए के मकान में छिपा था। तलाशी के दौरान उसके घर से पांच लाख रुपए भी बरामद हुए।



