महिला सशक्तीकरण के तमाम प्रयासों के बाद भी समाज में महिलाओं को वह स्थान नहीं प्राप्त हुआ जिसकी वे हकदार हैं। राजनीति, शिक्षा, रोजगार के क्षेत्र में आज भी महिलाओं की उपस्थिति न के बराबर है। पार्टियां…
महिला सशक्तीकरण के तमाम प्रयासों के बाद भी समाज में महिलाओं को वह स्थान नहीं प्राप्त हुआ जिसकी वे हकदार हैं। राजनीति, शिक्षा, रोजगार के क्षेत्र में आज भी महिलाओं की उपस्थिति न के बराबर है। पार्टियां उचित मुद्दों से हटकर जातपात और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही हैं। जबकि बात शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की होनी चाहिए। चुनाव आते ही आधी आबादी की बात होने लगती है लेकिन चुनाव बाद कदम खींच लिए जाते हैं। नारी सुरक्षा कोई नया मुद्दा नहीं है। इस दिशा में किसी भी दल ने ठोस कदम नहीं उठाया।
ये विचार सोमवार को सिगरा स्थित होटल आरके ग्रैंड में हिन्दुस्तान के ‘आओ राजनीति करें’ अभियान के तहत ‘चाय चौपाल’ कार्यक्रम में लोगों ने साझा किए। महिलाओं ने कहा कि बदलाव को नकारा नहीं जा सकता लेकिन रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा के क्षेत्र में अभी महिलाओं की उपस्थिति कम है।
नेता वहीं जो समाज और राष्ट्र के विकास के बारे में सोचे। जमीन से जुड़ा नेता ही इस दिशा में काम कर सकता है।
नीरजा जायसवाल
चुनाव विकास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए। परिवारवाद की राजनीति से देश का विकास नहीं हो सकता।
मुस्कान साहू
चुनाव में भी महिलाओं को बराबरी का हक मिलना चाहिए। तभी महिलाएं बड़ी संख्या में संसद व विधानसभा में पहुंचेंगी।
कोमल गुप्ता
जाति, धर्म की बात करने वाला नेता देश का विकास नहीं कर सकता। शिक्षित महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाए।
पूनम जायसवाल
जनता को बुनियादी सुविधाएं मिले इसके लिए सही नेता का चुनाव जरूरी है। महिला अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।
रेखा जायसवाल
केवल बातें नहीं बल्कि वादों को पूरा करना भी जरूरी होता है। युवाओं की बात करने वाला ही देश का विकास कर सकता है।
राजकुमार जायसवाल
चुनाव शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर लड़ा जाए ताकि लोगों का विकास हो सके। देश का विकास तभी संभव जब नेता ईमानदार हो।
प्रदीप जायसवाल
मजबूत लोकतंत्र लिए वोट करना जरूरी है लेकिन किसे करना है उसका मूल्यांकन जरूरी है। महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी है।
डॉ. कैलाश प्रसाद
भ्रष्टाचार पर रोक लगाए बिना देश का विकास संभव नहीं है। राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं, नेताओं के अंदर राष्ट्रवाद की भावना होनी चाहिए।
अनिल जायसवाल
महिला उत्पीड़न, रेप जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कानून बने। देश का विकास तभी संभव जब महिलाओं मौका दिया जाएगा।
रीता जायसवाल
योजनाओं को धरातल पर तभी लाया जा सकता है जब बिचौलियों पर रोक लगेगी। महिलाओं के मुद्दे घोषणा पत्र में शामिल हों।
माया जायसवाल
चुनावी घोषणापत्र में शामिल वादों को पूरा करना पार्टियों की जिम्मेदारी है। योजनाएं ऐसी हो जिसका लाभ निचले तबके के लोगों को मिले।
ममता जायसवाल
