
पश्चिम बंगाल के स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 11वें जिला सम्मेलन में रविवार को स्कूली शिक्षा में अमूलचूल परिवर्तन की बात कही. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों की कमी, छात्रों की अनुपस्थिति और बुनियादी ढांचे की बदहाली ने शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया. शुभेंदु अधिकारी की सरकार इन कमियों को दूर कर बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करेगी.
फर्जी हाजिरी पर रोक, बायोमेट्रिक सिस्टम लागू
शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा है कि अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के प्रति संजीदगी लानी होगी. स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (Biometric Attendance System) लगाये जायेंगे. इससे शिक्षकों का समय बचेगा और रजिस्टर में हाजिरी लगाने का दबाव कम होगा. छात्रों को बता दिया जायेगा कि कम उपस्थिति (Low Attendance) पर उन्हें अंतिम परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जायेगी.
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1000 स्कूलों में बनेगी अत्याधुनिक लैब
राज्य में स्कूली शिक्षा के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विभाग ने फंड उपलब्ध करवा दिया है. इससे राज्य के 1,000 चुनिंदा स्कूलों में आधुनिक लैब्स का निर्माण किया जायेगा. इसके लिए प्रति स्कूल 20 लाख रुपए आवंटित किये गये हैं.
- न्यूनतम 3 शिक्षक अनिवार्य : हर प्राथमिक विद्यालय (Primary School) में कम से कम 3 शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जायेगी.
- स्कूलों का विलय : संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए अपर प्राइमरी (Upper Primary) स्कूलों को पास के हाई स्कूलों के साथ एकीकृत (Merge) करने पर भी मंथन चल रहा है.
- समयबद्ध शिक्षक भर्ती : शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाते हुए समय पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी.
जनगणना के दौरान लगेंगी मॉर्निंग क्लासेस
स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक व जनगणना (Census) के कार्यों में समन्वय पर बात करते हुए मंत्री ने बताया कि पठन-पाठन पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जायेगा. अगर जरूरत पड़ी, तो जिन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगेगी, वहां सुबह में कक्षाएं संचालित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी.
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