Wednesday, July 29, 2026

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बेऊर जेल में तेज प्रताप की 3 रातें:घर का खाना और AC बैरक की मांग, सीने में दर्द की शिकायत पर तीन बार अस्पताल पहुंचे


बिहार बंद हिंसा मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए तेज प्रताप यादव बेऊर जेल में काफी परेशान हैं। उन्होंने AC बैरक और घर के खाने की डिमांड की है, जिसे जेल प्रशासन ने नकार दिया है। वारंट में पहले से दर्ज कार्डियक बीमारी की वजह से जेल प्रशासन ने उन्हें सामान्य प्रक्रिया से अलग मेडिकल प्रोटोकॉल में रखा है। सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें तीन बार जेल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने घर का खाना, आरामदायक बिस्तर और बेहतर व्यवस्था की मांग की, लेकिन जेल प्रशासन ने क्लियर मैसेज दे दिया कि जेल मैनुअल के बाहर कोई सुविधा नहीं दी जा सकती है। शनिवार रात की गिरफ्तारी के बाद उनको बेउर जेल भेज दिया गया। कुल मिलाकर 3 रातों से तेज प्रताप यादव बेउर में हैं। इस दौरान उनके साथ क्या-क्या हुआ, उन्होंने क्या कुछ डिमांड की और उनको क्या सुविधा मिली।…पढ़िए रिपोर्ट… रात 2 बजे जेल पहुंचे लालू के बेटे, सीधे अस्पताल गए शनिवार देर रात न्यायालय से आदेश मिलने के बाद तेज प्रताप को नौबतपुर थाना से बेऊर जेल लाया गया। जेल के मुख्य गेट पर सामान्य बंदियों की तरह उनकी एंट्री प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन वारंट में कार्डियक समस्या दर्ज होने के कारण उन्हें बैरक भेजने से पहले सीधे जेल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने रात में ही ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य जरूरी पैरामीटर की जांच की। शुरुआती जांच सामान्य मिलने के बाद सुबह करीब नौ बजे उन्हें डिवीजन वार्ड में भेज दिया गया। देखें तेज प्रताप की कुछ तस्वीरें… डिवीजन वार्ड में रखा गया, निगरानी सामान्य कैदियों से ज्यादा बेऊर जेल में डिवीजन वार्ड रूटीन बैरक से अलग हिस्सा होता है, जहां विशेष श्रेणी के बंदियों को रखा जाता है। हालांकि यहां विशेष सुविधाएं नहीं होती। तेज प्रताप को भी इसी वार्ड में रखा गया, लेकिन उनके आसपास सुरक्षा का घेरा सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ा दिया गया। सूत्र बताते हैं, उनके वार्ड के आसपास अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाए गए। किसी दूसरे बंदी को उनके पास जाने की अनुमति नहीं थी। मुलाकात पर भी पूरी तरह रोक रखी गई। जेल के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर उनकी स्थिति की जानकारी लेते रहे। घर का खाना नहीं मिला, पहले मना किया फिर खाया जेल का खाना रविवार सुबह नाश्ते के समय तेज प्रताप ने घर से खाना मंगाने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य कारणों से वे घर का बना खाना लेना चाहते हैं। लेकिन जेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अदालत की अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के बिना ऐसा संभव नहीं है। इसके बाद उन्हें जेल की रसोई में बना खाना दिया गया। शुरुआत में उन्होंने खाना लेने से इनकार कर दिया। बाद में अधिकारियों ने समझाया कि जब तक अनुमति नहीं मिलती, जेल का भोजन ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने दाल, चावल और सब्जी का हल्का भोजन किया। आरामदायक बिस्तर और AC की इच्छा, लेकिन जेल नियम आड़े आए जेल सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप ने बेहतर बिस्तर और ठंडी जगह पर रखने की बात भी कही। उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला दिया। हालांकि, जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जेल में उपलब्ध मानक व्यवस्था ही सभी बंदियों को दी जाती है। किसी विशेष सुविधा के लिए अदालत की अनुमति जरूरी होती है। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यदि डॉक्टर किसी अतिरिक्त सुविधा की चिकित्सकीय आवश्यकता बताएंगे तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। दिन में दो बार बिगड़ी तबीयत, डॉक्टरों ने कहा- रिपोर्ट सामान्य रविवार दोपहर तेज प्रताप ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की। उन्हें तुरंत जेल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दोबारा जांच की। ब्लड प्रेशर, शुगर और कार्डियक पैरामीटर सामान्य पाए गए। शाम करीब पांच बजे उन्होंने फिर सीने में भारीपन महसूस होने की बात कही। जेल प्रशासन ने कोई जोखिम नहीं लिया और तीसरी बार मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा। चिकित्सकों ने लगातार निगरानी जारी रखी। जेल अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन मेडिकल टीम नियमित अंतराल पर जांच कर रही है। जेल के अंदर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने तेज प्रताप जेल सूत्र बताते हैं, तेज प्रताप की एंट्री के बाद पूरे जेल परिसर में उनके बारे में चर्चा रही। हालांकि प्रशासन ने किसी भी बंदी को उनसे मिलने नहीं दिया। सुरक्षा कारणों से वार्ड के आसपास आवाजाही सीमित कर दी गई। वरिष्ठ अधिकारी लगातार अपडेट लेते रहे। 14 दिन की न्यायिक हिरासत, बेल भी नहीं मिली तेज प्रताप यादव को बिहार बंद हिंसा मामले में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया। बाद में दायर जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, अश्लील प्रदर्शन सहित 12 से अधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपितों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। देखें 2 तस्वीरें जिसमें तेज प्रताप प्रदर्शन में शामिल हुए थे अब आगे क्या? तेज प्रताप की अगली कानूनी रणनीति हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर करने की हो सकती है। दूसरी ओर पुलिस बिहार बंद हिंसा मामले में वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। बेऊर जेल प्रशासन उनके स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए है। यदि चिकित्सकों को कभी भी गंभीर कार्डियक जोखिम की आशंका होती है तो उन्हें तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया जा सकता है।

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