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दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित वृहद आश्रम में तैनात होमगार्ड जवान सुमित कुमार यादव की सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को बिहार गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय लाया गया, जहां विभागीय अधिकारियों और जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर (अंतिम सलामी) देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। मृतक की पहचान कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के मरकही गांव निवासी स्वर्गीय लालबाबू यादव के बड़े पुत्र एवं गृह रक्षक संख्या-302051 सुमित कुमार यादव के रूप में हुई है। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ बिहार गृह रक्षा वाहिनी में शोक की लहर दौड़ गई है। डीएमसीएच के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया
सुमित कुमार यादव ड्यूटी के दौरान भोजन करने के लिए होटल जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मियों ने गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल डीएमसीएच के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों के लगातार प्रयास के बावजूद मंगलवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर बेंता थाना पुलिस डीएमसीएच पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को बिहार गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय लाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। नियमों के अनुसार सभी देय लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे
बिहार गृह रक्षा वाहिनी, दरभंगा के वरीय जिला समादेष्टा मोहम्मद फैज अहमद ने बताया कि विभाग घायल जवान के इलाज से लेकर अंतिम संस्कार तक हर स्तर पर परिवार के साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को सबसे पहले ₹4 लाख की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके अलावा वैध आश्रित को अनुकंपा के आधार पर होमगार्ड में नामांकन, मृतक की पत्नी अथवा वैध उत्तराधिकारी को पेंशन सहित विभागीय नियमों के अनुसार सभी देय लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी
मृतक के चाचा मनीष कुमार यादव ने बताया कि जब परिजन डीएमसीएच पहुंचे, तब सुमित कुमार यादव की हालत बेहद गंभीर थी। उन्होंने कहा कि होमगार्ड विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने हरसंभव सहयोग किया तथा चिकित्सकों ने भी पूरी निष्ठा से इलाज किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों ने बताया कि सुमित कुमार यादव के पिता स्वर्गीय लालबाबू यादव का पहले ही निधन हो चुका था। अब सुमित की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में उनकी वृद्ध मां, एक भाई और एक बहन हैं। घर के कमाऊ सदस्य के निधन से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने सरकार से हरसंभव सहायता की मांग की है।

