भास्कर न्यूज|कामडारा रामपुर पंचायत के अंतर्गत जामडीह गांव के ग्रामीणों ने अपनी इच्छाशक्ति और श्रमदान की बदौलत इलाके में विकास की एक अनूठी मिसाल पेश की है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से जामडीह से कुरकुरा जाने वाली पगडंडी को एक कच्ची सड़क के रूप में तब्दील कर दिया है, साथ ही रास्ते में पड़ने वाले नाले पर एक कामचलाऊ बांस का पुल भी तैयार कर लिया है। इस पहल से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या का काफी हद तक समाधान हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार जामडीह गांव से कुरकुरा की वास्तविक दूरी महज तीन किलोमीटर है। हालांकि पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। अब इस कच्ची सड़क और बांस की पुलिया के तैयार हो जाने से जामडीह के लोगों को कुरकुरा रेलवे स्टेशन, प्लस टू उच्च विद्यालय कुरकुरा, थाना मुख्यालय और साप्ताहिक बाजार आने-जाने में बड़ी राहत मिली है। इससे ग्रामीणों की लगभग 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी और मूल्यवान समय की भारी बचत होगी। रास्ते में आने वाले नाले के ऊपर बांस का एक कामचलाऊ पुल। जामडीह और कुरकुरा के बीच कृषि भूमि होने के कारण लंबे समय से सड़क निर्माण का कार्य अटका हुआ था। इसके अलावा खेत मालिकों की सहमति नहीं मिलने के कारण भी आधिकारिक या बड़ी सड़क बनाना संभव नहीं हो पा रहा था। मजबूरी में ग्रामीण खेतों के बीच बनी संकरी पगडंडी पर किसी तरह पैदल चलकर रोजाना कुरकुरा आने-जाने को विवश थे। वहीं दोपहिया वाहन चालकों को मजबूरन कदमडीह-ईचागुटू होते हुए लंबा चक्कर काटकर कुरकुरा पहुंचना पड़ता था, जिसमें उन्हें 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। ग्रामीणों की इस निरंतर परेशानी को दूर करने के लिए जामडीह निवासी संतु और नवीन ने पहल की। उनके नेतृत्व में ग्रामीणों ने एकजुट होकर खेत मालिकों से सकारात्मक बातचीत की। आखिरकार खेत मालिकों की आपसी सहमति मिलते ही ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई। इसके बाद सभी ने मिलकर श्रमदान किया और खेतों के बीचों-बीच करीब 500 मीटर लंबे कच्चे पथ का निर्माण कर डाला।

