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किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने लोकसभा में नियम 377 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 327E की जर्जर स्थिति का मामला उठाया है। उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, जांच कराने और सड़क की मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है।
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सांसद ने अपने पत्र में बताया कि NH-327E बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज से होते हुए अररिया को सिलीगुड़ी से जोड़ता है। यह राजमार्ग बिहार को पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण गलियारा है, जिस पर साल भर भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है।
निर्माण के 3 साल बाद ही जर्जर हुआ NH
डॉ. जावेद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह राजमार्ग मात्र 2 से 3 साल पहले ही बना था। इसके बावजूद, किशनगंज जिले से गुजरने वाले इसके हिस्से में कई स्थानों पर गंभीर क्षति हो गई है। इतनी जल्दी सड़क के क्षतिग्रस्त होने से इसके निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण के दौरान भी घटिया सामग्री और खराब कार्यशैली की शिकायतें मिली थीं, लेकिन उन पर कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। यह क्षतिग्रस्त सड़क अब लगातार ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का कारण बन रही है, जिससे सरकारी खजाने पर भी अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
सड़क की अविलंब मरम्मत की मांग
सांसद ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से आग्रह किया है कि मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता की गहन तकनीकी जांच, सड़क की अविलंब मरम्मत और खराब कार्य व लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
NH-327E को किशनगंज और सीमांचल क्षेत्र के लिए व्यापार और आवागमन की जीवनरेखा माना जाता है।


