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विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगा। मेले में देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु गया जी आते हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ट्रेन के जरिए ही गया पहुंचती है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को गया जंक्शन पर एक बड़ी बैठक और निरीक्षण हुआ। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी सुशील कुमार ने स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण व बैठक का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना रहा। प्रतिदिन पहुंचेंगे 90 हजार यात्री, रेलवे स्टेशन पर होंगी विशेष व्यवस्थाएं गया रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने बताया कि आम दिनों में रोजाना 40 से 50 हजार लोग यात्रा करते हैं। लेकिन पितृपक्ष मेले के दौरान यह संख्या बढ़कर 80 से 90 हजार प्रतिदिन हो जाती है। अधिकांश श्रद्धालु मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा से आते हैं। ज्यादातर ट्रेनें रात 9 बजे से सुबह 4 बजे के बीच आती हैं। वर्तमान में गया रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। डीएम ने अनुपयोगी सामानों और निर्माण सामग्री को तेजी से दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। पेयजल, टॉयलेट और आसान रास्तों के लिए लगेंगे साइन बोर्ड स्टेशन और उसके आसपास पेयजल और शौचालय की उत्तम व्यवस्था रहेगी। डीएम ने सभी शौचालयों की नियमित सफाई के सख्त निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर मोबाइल टॉयलेट भी लगाए जाएंगे।
यात्रियों को रास्ता भटकने से बचाने के लिए स्टेशन पर जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड पर विष्णुपद मंदिर की दिशा, सीढ़ियों का रास्ता, एंट्री और एग्जिट गेट की जानकारी होगी। स्टेशन के नए निर्माण को देखते हुए यह साइन बोर्ड यात्रियों के लिए मददगार साबित होंगे। हाई-टेक सुरक्षा और चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में आरपीएफ और पुलिस बल तैनात रहेगा। पूरे परिसर में हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की लाइव निगरानी जिला नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। रेलवे प्रशासन स्टेशन पर 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाएगा। इसमें रेलवे के सभी विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। जिला प्रशासन भी अपना हेल्प डेस्क बनाएगा। इसके अलावा लगातार अनाउंसमेंट की जाएगी और 7-8 प्रमुख स्थानों पर टीवी स्क्रीन के जरिए ट्रेनों की जानकारी दी जाएगी। ऑटो और ई-रिक्शा का तय होगा किराया, लगेगा रेट बोर्ड स्टेशन परिसर के बाहर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाई जाएगी। जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी ऑटो व ई-रिक्शा पर निर्धारित किराया सूची स्पष्ट रूप से चिपकाई जाए। यदि कोई चालक तय दर से अधिक पैसे लेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम से बचने के लिए स्टेशन के बाहर अतिक्रमण हटाया जाएगा व वाहनों को कतारबद्ध खड़ा किया जाएगा। व्हील चेयर, मेडिकल टीम और बेहतर रोशनी का रहेगा इंतजाम बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर की व्यवस्था रहेगी। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन पर एम्बुलेंस और डॉक्टरों की मेडिकल टीम जरूरी दवाओं के साथ मौजूद रहेगी। स्टेशन के अंदर और एप्रोच रोड पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। अंधेरे वाले स्थानों पर नई लाइटें लगाई जा रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए। प्रशासन का संकल्प है कि गया आने वाले हर तीर्थयात्री को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम माहौल मिले। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला को लेकर सरकार संजीदा है। अतिथि हित के मद्देनजर हर सम्भव कदम उठाए जाएंगे। ताकि विश्व पटल पर गयाजी छवि बेहतर हो।
