पटना42 मिनट पहले
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राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल पटना जंक्शन और न्यू मार्केट को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा। यहां पटना सिटी सेंटर की तर्ज पर G+16 भव्य कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। पटना नगर निगम यहां 736.41 करोड़ रुपये की लागत से एक विश्वस्तरीय कमर्शियल हब विकसित करने जा रहा है।
पहले तीन अलग-अलग छोटे भवन बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किए गए हैं। नगर निगम ने परियोजना का सर्वे पूरा कर लिया है और DPR भी तैयार है।

पटना जंक्शन और न्यू मार्केट रोड के पास बनेगा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स।
एक ही परिसर में होटल, शॉपिंग और फूड कोर्ट की सुविधा
कॉम्प्लेक्स बनने के बाद पटना जंक्शन आने वाले यात्रियों और शहरवासियों को एक ही जगह ठहरने, खरीदारी और खान-पान की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यहां फाइव स्टार स्तर का होटल, आधुनिक फूड कोर्ट, इंटरनेशनल स्तर का शॉपिंग मार्केट, बेसमेंट पार्किंग और अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम विकसित किया जाएगा। इससे पार्किंग की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
123 करोड़ से बढ़कर 736 करोड़ पहुंची परियोजना की लागत
शुरुआत में इस परियोजना की लागत 123.12 करोड़ रुपये तय की गई थी और केवल जी+3 भवन बनाने की योजना थी। अब इसे विश्वस्तरीय और बहुमंजिला स्वरूप देने के लिए बजट बढ़ाकर 736.41 करोड़ रुपये कर दिया गया है। चूंकि जमीन पटना नगर निगम की अपनी है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी कानूनी या तकनीकी बाधा की संभावना नहीं है। कॉम्प्लेक्स बनने के बाद सड़कों से अतिक्रमण पूरी तरह खत्म होगा।
तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण कार्य
परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा-

दुकानदारों का होगा पुनर्वास, किसी की दुकान नहीं होगी बंद
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले न्यू मार्केट में मौजूद दुकानों और वेंडरों को अस्थायी स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद पुराने ढांचे को हटाकर नया वेंडर ब्लॉक बनाया जाएगा, जिसमें सभी मौजूदा दुकानदारों का स्थायी पुनर्वास किया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि किसी भी दुकानदार का रोजगार प्रभावित नहीं होगा।
अतिक्रमण हटेगा, निगम की आय भी बढ़ेगी
कॉम्प्लेक्स बनने के बाद न्यू मार्केट और आसपास की सड़कों से अतिक्रमण खत्म होगा। स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बेहतर खरीदारी का माहौल मिलेगा।
इसके साथ ही दुकानों के लीज रेंट, वेंडर लाइसेंस फीस, फूड कोर्ट, पार्किंग शुल्क, विज्ञापन, फैसिलिटी मैनेजमेंट चार्ज, कंसेशन प्रीमियम और प्रॉपर्टी टैक्स से पटना नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

