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औरंगाबाद में करंट लगने से किसान की मौत हो गई। खेत में पटवन के दौरान हादसा हुआ है। जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र के बसौरा गांव में खेत की पटवन करने गए एक किसान की बिजली के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की असमय मौत से तीन बेटियों और एक बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं। घटना कुटुंबा थाना क्षेत्र के बसौरा गांव की है। खेत में अचेत अवस्था में मिले ग्रामीणों के अनुसार मुकेश शनिवार रात अपने खेत पर पटवन करने गए थे। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान वह खेत में अचेत अवस्था में पड़े मिले। आनन-फानन में रेफरल अस्पताल कुटुंबा लाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही कुटुंबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुआवजे की उठी मांग ग्रामीणों ने बताया कि मुकेश साव पांच भाइयों में एक थे। करीब पांच वर्ष पहले उनके सबसे बड़े भाई की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके लगभग एक वर्ष बाद उनके पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी मुकेश के कंधों पर आ गई थी। उन्होंने अपने बड़े भाई की बेटी की शादी भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कराई थी। परिवार के तीन छोटे भाइयों में दो ऑटो चलाकर जीविकोपार्जन करते हैं, जबकि एक भाई बाहर एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। भाई की मौत की खबर मिलते ही वह भी घर के लिए रवाना हो गया। मुकेश साव अपने पीछे पत्नी, वृद्ध मां, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। उनकी असमय मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र सरकारी मुआवजा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि परिवार को इस कठिन समय में आर्थिक संबल मिल सके।

