प्यार, धोखा और हत्या। बोकारो जिले के जरीडीह थाना क्षेत्र के तुपकाडीह में 28 जुलाई को जंगल में मिले बासुदेव कुमार (17.4) की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी 40 वर्षीय प|ी और प|ी के पूर्व प्रेमी ने मिलकर की। शनिवार को जरीडीह थाना में प्रेस कांफ्रेंस में सर्किल इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी। मृतक के चचेरे भाई मुकेश सिंह के बयान पर केस दर्ज कर पुलिस ने राखी रवानी और मुन्ना गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में उपयोग किया गया एक कार, मोबाइल, साड़ी का टुकड़ा, कीटनाशक की शीशी व मृतक का चप्पल और शर्ट बरामद किया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार चीराचास थाना क्षेत्र के गंधाजोर निवासी बासुदेव कुमार को भवानीपुर साइड निवासी राखी रवानी (40) ने अपने जाल में फंसाया। जून 2026 में दोनों ने शादी कर ली। शादी का विरोध करते हुए बासुदेव के परिजनों ने दोनों को घर से निकाल दिया था। इसके बाद दोनों तुपकाडीह में किराए के मकान में रह रहे थे। जबकि आरोपी राखी रवानी पहले से शादीशुदा थी। करीब 20 साल पहले उसकी शादी बिहार के मोतिहारी में हुई थी। उससे 17 साल का एक बेटा है, जो ननिहाल में ही रहता है। पहली शादी के बाद पति से संबंध बिगड़ रहे थे, इसी दौरान राखी का मुन्ना गुप्ता उर्फ दुर्गेश गुप्ता से प्रेम संबंध हो गया। मुन्ना के दूसरी शादी कर लेने के बाद विचलित राखी ने बासुदेव से शादी कर ली थी। लेकिन प्रेम खत्म नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि राखी का मुन्ना से फिर से संपर्क हुआ और उनका प्रेम-प्रसंग दोबारा परवान चढ़ा। ऐसे में दोनों ने मिलकर प्रेम में रोड़ा बने बासुदेव को मारने की साजिश रची। 26 जुलाई की रात राखी ने बासुदेव को बहला-फुसलाकर कार में बिठाया और तुपकाडीह के कुम्हारडीह जंगल ले गई। वहां पहले उसे कीटनाशक पिलाया, फिर साड़ी के फंदे से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव झाड़ी में फेंक दिया था। मौके पर थाना प्रभारी विपिन चंद्र महतो, एसआई विकास विश्वकर्मा, संजीव कुमार आदि थे।
