दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि आज श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। मुख्य कार्यक्रम रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित लुकैयाटांड़ में होगा। यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 14 फीट ऊंची शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री, मं
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कार्यक्रम को लेकर लुकैयाटांड़ में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धांजलि सभा के लिए करीब 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, झारखंड आंदोलनकारी और सोरेन परिवार के सभी सदस्य शामिल होंगे।
सहयोगी दल कांग्रेस और राजद को भी आमंत्रित किया गया है। उनके मंत्री और विधायकों के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार शाम बेंगलुरु से रांची लौट आए। वे आज लुकैयाटांड़ के लिए रवाना होंगे।

सोना-सोबरन प्लस टू विद्यालय परिसर में स्थापित शिबू सोरेन की 14 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
10 हजार की भीड़ के लिए विशेष इंतजाम
कार्यक्रम में लगभग 10 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत और उपायुक्त ऋतुराज खुद व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
साथ ही भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिबू सोरेन का झारखंड आंदोलन में योगदान और अलग राज्य के गठन में उनकी भूमिका को देखते हुए यह आयोजन राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गुरुजी की स्मृति को समर्पित आदिवासी महोत्सव
इस बार विश्व आदिवासी दिवस को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे आदिवासी अस्मिता, परंपरा और आधुनिक तकनीक के सबसे बड़े प्रदर्शन के रूप में मनाने की तैयारी है।
राज्य सरकार 9 और 10 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव’ आयोजित करेगी, जिसे दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित किया गया है। पिछले वर्ष उनके निधन के कारण मुख्य कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक निकलने वाली भव्य आदिवासी जतरा होगी। राजधानी रांची के साथ-साथ राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रद्धांजलि सभाएं और पारंपरिक आयोजन होंगे।
इसके अलावा दिल्ली में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी का चयन किया जा चुका है। इसको लेकर सूचना भवन में बैठक भी हो चुकी है।
हाट-बाजार, 100 स्टॉल और 5 हजार कलाकार
महोत्सव में इस बार देशभर से 5 हजार से अधिक आदिवासी कलाकार, लोक कलाकार और सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुति देंगे। परिसर में 100 स्टॉलों वाला आदिवासी हाट-बाजार सजाया जाएगा, जिसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है।

शिबू सोरेन का निधन बीते साल दिल्ली में हुआ था। तब पीएम नरेंद्र मोदी अस्पताल पहुंच कर श्रद्धांजलि दी थी।
यहां झारखंडी व्यंजन, पारंपरिक कलाकृतियां, वन उत्पाद, हस्तशिल्प और हथकरघा की प्रदर्शनी लगेगी, वहीं शिल्पकार लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन भी देंगे। युवा संवाद, सेमिनार, फूड जोन और सांस्कृतिक मंच भी बनाए जाएंगे।
पहली बार ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो का आयोजन होगा। साथ ही ड्रोन लाइट शो, डिजिटल टनल, एआर-वीआर, इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर, काइनेटिक एलईडी वीडियो वॉल, होलोग्राफिक फैन, इंटरएक्टिव फ्लोर प्रोजेक्शन, डिजिटल स्टैंडी और एआई आधारित 3-डी चैटबॉट जैसे आधुनिक आकर्षण शामिल होंगे। गुरुजी के जीवन और संघर्ष पर आधारित विशेष डिजिटल ट्रिब्यूट और प्रदर्शनी भी इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बनेगी।


