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झामुमो जिला समिति की ओर से मंगलवार को ”दिशूम गुरु” पद्मभूषण शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा चाईबासा बायपास चौक पर पूरे तामझाम के साथ स्थापित कर दी गई। अब इस चौक का नाम शिबू सोरेन चौक के रूप में जाना जाएगा। दिशूम गुरु की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भी किया गया। क्रेन पर चढ़कर दिशूम गुरु के साथी, चक्रधरपुर के पूर्व विधायक बहादुर उरांव, झामुमो जिला सचिव राहुल आदित्य ने प्रतिमा पर फूलमाला अर्पित की। इसके बाद प्रतिमा का अनावरण किया। मौके पर भारी तादाद में झामुमो समर्थक मौजूद रहे। इस अवसर पर मझगांव विधायक निरल पुरती ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में हमारे पुरखों और आंदोलनकारियों का बहुत बड़ा बलिदान रहा है। कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। कई शहीद हुए। अनेकों ने यातनाएं झेलीं। उन्हीं के संघर्ष का परिणाम है कि आज हमें अलग झारखंड राज्य मिला है। समारोह के दौरान झारखंड आंदोलनकारी, सह पूर्व विधायक बहादुर उरांव ने दिशूम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखा। पुष्पांजलि अर्पित की। उन्हें श्रद्धांजलि दी। 1997 के दौर को याद कर भावुक हुए विधायक संभावित विरोध को लेकर पुलिस बल की रही तैनाती बाइपास चौक में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर कई संगठनों ने विरोध जताया था। इसे लेकर चौक पर भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती रही। वहीं झामुमो कार्यकर्ताओं की भी भारी भीड़ थी। अलग-अलग विधानसभाओं से बसों में समर्थक पहुंचे थे। परंपरागत गाजे-बाजे के साथ समर्थक कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। विधायक निरल पुरती ने अपने छात्र जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1997 के अगस्त महीने में हुई एक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आंदोलनकारियों पर दमन और जुल्म का दौर तेज हो गया था। उस समय वह मैट्रिक पास कर कॉलेज में पढ़ रहे थे। चाईबासा, सोनुआ, मनोहरपुर और बड़ाजामदा में आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे थे। पुलिस कार्रवाई और व्यवस्था के खिलाफ पैदा हुए आक्रोश ने उन्हें आंदोलन से जोड़ दिया। दिशूम गुरु के भाषणों का युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता था। इसने अलग राज्य के निर्माण का जज्बा जगाया। सभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने की। मंच का संचालन जिला सचिव राहुल आदित्य ने किया। मौके पर विधायक सोनाराम सिंकू, विधायक सुखराम उरांव, विधायक जगत मांझी, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव सहित झारखंड आंदोलनकारी भुवनेश्वर महतो मौजूद रहे।

