Friday, August 7, 2026

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टाटीझरिया में जंगली हाथियों का उत्पात:घर किया ध्वस्त, फसलें बर्बाद; ग्रामीण क्यूआरटी व मुआवजे की मांग पर अड़े


हजारीबाग जिले के टाटीझरिया प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक जारी है। खैरा, सिझुआ और महुआटांड़ सहित कई गांवों में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। देर रात महुआटांड़ गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने एक आदिवासी परिवार के घर को ध्वस्त कर दिया। मिहिलाल टुड्डू के घर को नुकसान पहुंचने से उनके परिवार के सामने आवास की समस्या खड़ी हो गई है। हाथियों के झुंड ने घर को क्षतिग्रस्त करने के साथ-साथ आसपास के खेतों में लगी फसलों को भी रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। बरसात के मौसम में किसान खेती के कार्यों में लगे हैं, ऐसे में फसलों के बर्बाद होने से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के गांवों के करीब आने से जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। हाथियों को गांव में आने से रोकने की कोशिश करते रहे हाथियों के गांव में प्रवेश की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग की टीम ने पूरी रात हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीण भी मशाल जलाकर, टॉर्च की रोशनी और शोर मचाकर हाथियों को गांव में आने से रोकने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों में आने से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। विशेषकर रात के समय खेतों और घरों के आसपास हाथियों की उपस्थिति लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल क्यूआरटी (QRT) टीम तैनात करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने हाथियों द्वारा बर्बाद की गई फसलों और क्षतिग्रस्त घर का तत्काल आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवार और किसानों को नियमानुसार जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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