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बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने रांची में छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को अराजकता और झूठ का पोस्टर बॉय बताते हुए कहा कि वे जेन-जी की बात करते हैं, लेकिन खुद जेन-अल्फा जैसी बचकानी हरकत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के बावजूद संसद की कार्यवाही को बाधित करने का काम कर रहे हैं। संजय सरावगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे संसद में देश और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करें और सरकार को रचनात्मक सुझाव दें। इसके बजाय वे सदन की कार्यवाही बाधित करने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि संसद की कार्यवाही बाधित होने से देश का समय और प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने रांची छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी छात्र आंदोलन के बहाने अपनी राजनीति चमका रहे हैं। उनके अनुसार, रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित मारपीट की घटना की केवल निंदा करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के साथ हैं तो झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की पहल क्यों नहीं करते? उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस के 4-4 मंत्री हैं, लेकिन राहुल गांधी ने किसी मंत्री को छात्रों की समस्याएं सुनने और उनके बीच जाने के लिए नहीं भेजा। ‘राहुल गांधी भाजपा का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं’ सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी भाजपा का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने की राजनीति से बचना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी साल में काफी समय विदेश में अपने ननिहाल में बिताते हैं और जिस तरह की बचकानी हरकतें वहां करते हैं, उसी तरह की हरकतें संसद में भी करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी को इसी तरह की राजनीति करनी है तो उन्हें संसद के बजाय अपने ननिहाल चले जाना चाहिए। सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक गंभीरता को लेकर जनता के बीच सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता फैलाने और झूठ की राजनीति करने के कारण राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते। राम मंदिर के चंदा मामले पर भी राहुल गांधी को घेरा पत्रकारों द्वारा राम मंदिर से जुड़े चंदा मामले को लेकर राहुल गांधी द्वारा संसद में उठाए जा रहे सवालों के संबंध में पूछे जाने पर संजय सरावगी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का राम मंदिर से क्या संबंध है? सरावगी ने आरोप लगाया कि जब राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर कार्रवाई हुई थी, तब समाजवादी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी आज तक राम मंदिर दर्शन करने क्यों नहीं गए। सरावगी ने कहा कि जब भगवान राम टेंट में थे, तब भी राहुल गांधी वहां दर्शन करने नहीं गए और भव्य मंदिर बनने के बाद भी उन्होंने दर्शन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आने के कारण ही अब राहुल गांधी को राम मंदिर और उससे जुड़े मुद्दों की याद आ रही है। राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो रही है और जांच के आधार पर दोषियों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। सरावगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार उठा रहे हैं। संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव को बताया ‘मौसमी नेता’ संजय सरावगी ने बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला। बिहार सरकार के खजाने और भ्रष्टाचार को लेकर तेजस्वी यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के बयान में कोई नयापन नहीं है। वे पुराने आरोपों को ही बार-बार दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का खजाना खाली नहीं है। कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है और विकास योजनाओं पर लगातार काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बिहार में विकास की गति को लगातार आगे बढ़ा रही है। तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर भी सरावगी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव करीब एक महीने तक यूरोप की हवा खाकर लौटे हैं और उन्होंने पहले ही कहा था कि लौटने के बाद कुछ बयान देंगे और फिर चले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद तेजस्वी यादव विधानसभा की कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं। सरावगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद है। ऐसे में तेजस्वी यादव को बिहार और बिहार की जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव “मौसमी नेता” बनकर रह गए हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों पर गिरेबान में झांकने की सलाह तेजस्वी यादव की ओर से बिहार में भ्रष्टाचार और सरकारी खजाने की लूट के आरोप लगाए जाने पर संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक परिवार और अतीत पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद शासन के दौरान कई विभागों में भ्रष्टाचार और अपराध के मामले सामने आए थे तथा अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं। सरावगी ने कहा कि जिनके परिवार और पार्टी के राजनीतिक अतीत पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप और मामले रहे हैं, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उन्हें बिहार की चिंता करनी चाहिए और सदन में रहकर जनता के मुद्दों को उठाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के विधानसभा में आने-जाने को लेकर भी स्पष्टता नहीं रहती और वे महत्वपूर्ण कार्यवाही से अनुपस्थित रहते हैं। सरावगी ने राजद नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिस राजनीतिक परिवार पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप और मुकदमे चर्चा में रहे हैं, उसके नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक अतीत का हिसाब देना चाहिए।पुरा परिवार बेल पर बाहर है।


