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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली के तार पलामू से भी जुड़े हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को नौ दिनों के भीतर दूसरी बार सीआईडी ने पलामू में दबिश दी। टीम शिक्षक संतोष कुमार सिंह और कोचिंग संचालक रविशंकर कुमार की तलाश में उनके घरों पर पहुंची थी। सीआईडी टीम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए वारंट के साथ पहुंची थी। हालांकि, परीक्षाओं में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद से ही संतोष कुमार सिंह और रविशंकर कुमार फरार चल रहे हैं। रविशंकर रांची में एक कोचिंग सेंटर चलाता है। सीआईडी की टीम शहर थाना पुलिस के साथ संतोष कुमार सिंह के हमीदगंज स्थित बीएन कॉलेज के पास वाले घर पर पहुंची। वहीं, जीएलए कॉलेज के पास रविशंकर के आवास पर भी दबिश दी गई। टीम ने दोनों के परिवार वालों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। परिवार वालों को गिरफ्तारी वारंट की जानकारी दे दी गई है। इस पूरे मामले में 3 अगस्त को हुई कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उस दिन सीआईडी और पलामू पुलिस की संयुक्त टीम ने मेदिनीनगर और नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में एक साथ तीन स्थानों पर छापेमारी की थी। टीम ने पांच घंटे तक घरों के एक-एक कमरे, अलमारी, दस्तावेज और अन्य सामान की बारीकी से जांच की थी। तलाशी के दौरान कुछ संदिग्ध कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। जानकारी के मुताबिक, पलामू में यह कार्रवाई जेपीएससी नियुक्ति में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार परीक्षा माफिया अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर की गई थी। इसी इनपुट के बाद सीआईडी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की थी।

