
तारापीठ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
सोमवार तड़के बीरभूम के प्रसिद्ध तीर्थ एवं पर्यटन केंद्र तारापीठ के एक निजी होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. इस भयावह घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग इलाजरत है. कई घायल को छोड़ दिया गया हैं. हादसे के बाद तारापीठ के विभिन्न होटलों में ठहरे पर्यटकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई पर्यटक अपनी बुकिंग अवधि पूरी होने से पहले ही होटल छोड़कर घर लौट रहे हैं.
मृतकों के शवों को गृह राज्य रवाना किया गया
इस दर्दनाक हादसे में मारे गए मेघायल के एक ही परिवार के पांच लोगों और अलीपुरदुआर के चार लोगों के शवों को उनके परिजनों के साथ गृह राज्य के लिए रवाना किया गया. दमकल मंत्री कौशिक चौधरी ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को रवाना किया. इस दौरान रामपुरहाट के विधायक ध्रुव साहा, पुलिस अधीक्षक विदित राज, जिलाधिकारी समेत पुलिस एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. शवों को रवाना किए जाने के दौरान मौके पर माहौल बेहद गमगीन रहा.
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बुकिंग अवधि पूरी होने से पहले छोड़ रहे होटल
घटना के बाद तारापीठ के अन्य होटलों में ठहरे पर्यटकों में भी भय का माहौल है. बांकुड़ा के सौमेन पात्र, सिलीगुड़ी के जगदीश घोष, नदिया की श्रीमयी चट्टोपाध्याय समेत कई पर्यटकों की बुकिंग मंगलवार या बुधवार तक थी, लेकिन हादसे के बाद उन्होंने निर्धारित समय से पहले ही होटल खाली कर घर लौटने का फैसला किया. इसके चलते तारापीठ में पर्यटकों की संख्या में अचानक कमी देखी जा रही है.
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