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सहरसा के सलखुआ प्रखंड अंतर्गत मोबारकपुर पंचायत में सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से शिकायत की है। कि सांसद मद से पहले बनी सड़क को मनरेगा की अलग-अलग योजनाओं में दिखाकर करीब 13 लाख रुपये की फर्जी निकासी की गई। ग्रामीणों ने मामले की जांच, दोषियों पर प्राथमिकी और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, पुरैनी वार्ड-2 में ठाकुर टोला से छठ पोखर घाट तक लगभग 500 फीट ईंट सोलिंग और पीसीसी सड़क का निर्माण खगड़िया सांसद राजेश वर्मा की अनुशंसा पर पहले ही हो चुका था। इस कार्य के लिए बीडीओ और सीओ द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया था और इसका भुगतान भी किया जा चुका था। आरोप है कि इसी पहले से बनी सड़क को मनरेगा के तहत तीन अलग-अलग योजनाओं में दर्शाया गया। इनमें योजना कोड 0521015/RC/20805270 में ठाकुर टोला से मोबीन अली के खेत तक मिट्टी व सोलिंग कार्य, योजना कोड 0521015/RC/20805276 में नसीर के खेत से उपेन्द्र ठाकुर के खेत तक कार्य और तीसरी योजना 0521015007/RC/20805265 में उपेन्द्र यादव के खेत से समीम उद्दीन के खेत तक कार्य दिखाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि इन योजनाओं के तहत धरातल पर कोई नया कार्य नहीं हुआ, जबकि कागजों में लगभग 13 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई। शिकायत के बाद आनन-फानन में पुराने ईंट सोलिंग को उखाड़ने का काम शुरू किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मो. अब्दुल्लाह, मो. अनवर, मो. रुस्तम, मो. जर्रार आलम और मो. मोदस्सिर सहित अन्य ग्रामीणों ने सहरसा डीडीसी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें संलिप्त जनप्रतिनिधियों, कर्मियों तथा अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में सलखुआ के पीओ समशुल जोहा ने बताया कि रोजगार सेवक मामले को देखेंगे। वहीं, रोजगार सेवक ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
