Quote of the day 2 september 2026: आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि मां लक्ष्मी का स्थायी वास कहां होता है और किन जगहों से रूठकर चली जाती हैं।
Chanakya niti for money, Quote of the day 2 september 2026: आचार्य चाणक्य को एक महान अर्थशास्त्री, दूरदर्शी और कूटनीतिज्ञ माना जाता है। कहा जाता है कि चाणक्य ने अपनी नीतियों के बल पर एक साधारण बालक चंद्र गुप्त को मौर्य वंश का सम्राट बनाया था। आज भी चाणक्य की नीतियां प्रासंगिक हैं। एक नीति में आचार्य चाणक्य ने धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने और उनके किसी स्थान पर टिके रहने के महत्वपू्र्ण नियम बताए हैं। चाणक्य के अनुसार, मां लक्ष्मी अत्यंत चंचल हैं लेकिन सही वातावरण और आचरण होने पर वे स्थायी रूप से निवास करती हैं। जानें मां लक्ष्मी का किन जगहों पर होता है स्थायी निवास।
श्लोक:
मूर्खा यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम्।
दम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्रीः स्वयमागता॥
श्लोक का अर्थ:
चाणक्य के अनुसार, जिन जगह या घर में मूर्ख लोगों का सम्मान नहीं होता है यानी विद्वानों और योग्य व्यक्तियों की बात सुनी और मानी जाती है।, जहां अन्न या अनाज का सही रखरखाव और संचय किया जाता है यानी अन्न की बर्बादी नहीं होती है। जिस जगह पर पति-पत्नी के बीच आपस में कोई कलह या झगड़ा नहीं होता है, ऐसे स्थान पर धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी स्वयं आती हैं।
श्लोक का सार:
मूर्खों का अनादर और विद्वानों का सम्मान:
नीति शास्त्र के अनुसार, जिस घर या समाज में मूर्ख लोगों की बातों को महत्व नहीं देकर ज्ञानी और विद्वानों का सम्मान होता है, वहां मां लक्ष्मी का स्वयं आगमन होता है।
अन्न का आदर और संचय:
चाणक्य कहते हैं कि जिस जगह पर अन्न का अपमान नहीं होता और उसे सुरक्षित रखा जाता है, वहां कभी दरिद्रता नहीं आती है। अन्न या अनाज को चाणक्य ने साक्षात लक्ष्मी का ही एक रूप माना है।
पारिवारिक शांति:
चाणक्य के अनुसार, जिस घर में पति-पत्नी के बीच विवाद, कलह या हिंसा नहीं होती है, वहां देवी लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। कलह वाले घर में मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है।
किन वजहों से मां लक्ष्मी रूठकर चली जाती हैं?
गंदगी और आलस्य: चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति गंदे या मैले कपड़े पहनता है। दांतों की सफाई नहीं रखता है और सूर्योदय के बाद तक सोता रहता है और गंदगी या अस्वच्छता में रहता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है, चाहे व्यक्ति कितना ही बड़ा ज्ञानी क्यों न हो।
कटु वचन (कड़वा बोलना): जो व्यक्ति दूसरों को अपमानित करता रहता है या दुखाने वाली बातें बोलता है। जिस व्यक्ति की वाणी में अहंकार होता है, उसके पास धन ज्यादा समय तक नहीं टिकता है। चाणक्य के अनुसार, ऐसे व्यक्ति पर मां लक्ष्मी मेहरबान नहीं होती हैं।
अधर्म और अन्याय का धन: चाणक्य के अनुसार, छल, कपट या दूसरों को कष्ट देकर कमाया गया धन लंबे समय तक नहीं टिकता है। ऐसा धन व्यक्ति का विनाश का कारण बनता है।
