![]()
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन गुमला ने अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में समाहरणालय परिसर में एक दिनी धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि गुमला जिला सहित पूरे झारखंड के 25000 जनवितरण विक्रेता वर्तमान में बेहद दयनीय स्थिति से गुजर रहे हैं। दुकानदारों के सामने भुखमरी का संकट मंडरा रहा है। डीलरों ने मांगों के बाबत कहा कि अब तक वितरित किए गए खाद्यान्न का बकाया कमीशन राशि का भुगतान 30 दिन के भीतर किया जाए। इसके साथ ही एनएफएसए एक्ट 16 के प्रावधानों के तहत आवंटन के साथ-साथ ही नियमित रूप से कमीशन का भुगतान सुनिश्चित हो। आवंटित माह का राशन उस महीने की शुरुआत होने से पहले ही उपलब्ध कराया जाए और खाद्यान्न की सही मात्रा सुनिश्चित की जाए। गुमला जिले में मई 2025 से स्मार्ट पीडीएस लागू होने के बाद से आहार पोर्टल और स्मार्ट पोर्टल पर वितरण किए गए खाद्यान्न की मात्रा में भारी विसंगतियां देखी जा रही हैं। अगस्त 2025 से नवंबर 2025 तक बिना खाद्यान्न दिए ही शत-प्रतिशत भंडारण प्राप्ति दिखा दी गई है। जिसे तुरंत ठीक किया जाए। राशन डीलरों को दुकान का किराया, बिजली बिल, सहायकों की मजदूरी और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हर महीने कम से कम 50000 की न्यूनतम मासिक आय सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना के दायरे में राशन डीलर परिवारों को भी शामिल कर उन्हें इसका लाभ दिया जाए। राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्य मंत्री दाल योजना को मासिक रूप से नियमित रूप से सुचारू रूप से चलाने की मांग की गई है। डीलरों का कहना है कि एनआईसी सर्वर में लगातार गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं और डीलरों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सर्वर डाउन होने से समय पर अनाज वितरण नहीं हो पाता। इसके लिए एक अलग शिकायत कोषांग बनाने की मांग की है। साथ ही भारत सरकार के निर्देशानुसार जनवितरण प्रणाली को पूरी तरह से पेपरलेस रूप से संचालित करने के आदेश को राज्य सरकार जल्द से जल्द राज्य में लागू करने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष अरखिता नंद देवघरिया और जिला महासचिव तनवीर नाज ने संयुक्त रूप से कहा कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे राशन वितरण रोकने और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी।
राशन डीलरों ने समाहरणालय में आठ सूत्री मांगों को लेकर किया धरना प्रदर्शन, जताया आक्रोश
