Tuesday, September 15, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

रिश्वत केस में राजस्व कर्मचारी को 4 साल की सजा:पटना में निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई, 18 हजार का जुर्माना भी लगा


पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को मंगलवार को एक पुराने मामले में सफलता मिली है। नौ हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में फुलवारीशरीफ अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा पर 18 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अगर वह जुर्माने की राशि नहीं देते हैं, तो उन्हें तीन महीने और जेल में रहना होगा। अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी पाया। यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के लिए नौ हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। निगरानी टीम ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 23 जनवरी 2015 को जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराए के मकान से नौ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने उन्हें चार साल के सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। नाम हस्तांतरण के लिए मांगे थे 9 हजार रुपए विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के एवज में 9 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर निगरानी टीम ने 23 जनवरी 2015 को कार्रवाई की थी। टीम ने जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराये के निजी मकान में अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 9 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने उसे 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles